Iran Threatens Middle East
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    Iran Threatens Middle East: मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर इब्राहिम जब्बारी ने सरकारी मीडिया पर खुलेआम चेतावनी दी, कि अगर अमेरिका और इज़राइल के हमले नहीं रुके, तो ईरान मिडिल ईस्ट के हर बड़े आर्थिक और व्यापारिक केंद्र को तबाह कर देगा।

    उन्होंने यह भी कहा, कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है और तेल की कीमत जो अभी 80 डॉलर प्रति बैरल है, वो जल्द ही 200 डॉलर तक पहुंच सकती है। यह वही होर्मुज जलडमरूमध्य है, जिससे दुनिया की करीब एक पांचवीं गैस और तेल की आपूर्ति होती है। यानी अगर यह रास्ता बंद रहा, तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल सकती है।

    दुबई में मिसाइलें-

    दुबई जैसे चमकदार शहर में जो नजारा दिखा, वो किसी फिल्म से कम नहीं था। रात के अंधेरे में आसमान पर मिसाइलें चमकीं, धमाकों की आवाजें गूंजीं और एयर रेड सायरन बजने लगे। समुद्र तट पर बैठे सैलानी भागे, रेस्तरां खाली हो गए और लग्जरी होटलों से लोगों को निकाला गया।

    ब्रिटिश कंटेंट क्रिएटर मिया प्लेनर ने बताया, कि उन्होंने खुद धुआं और मिसाइलें देखीं और घबराए हुए लोग अपने महंगे हरमस और चैनल बैग उठाकर सुरक्षित जगह की तरफ भाग रहे थे। अमेरिकी दूतावास के पास स्थित कांसुलेट की पार्किंग में एक ड्रोन हमला हुआ जिसमें आग लग गई, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई।

    समंदर में फंसे हजारों यात्री-

    हालात की मार सिर्फ जमीन पर नहीं, समंदर पर भी पड़ी। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे की वजह से कम से कम छह बड़े क्रूज़ जहाज क्षेत्रीय बंदरगाहों पर अटके पड़े हैं। हजारों यात्री और चालक दल न जहाज छोड़ सकते हैं, न आगे जा सकते हैं। ये जहाज अब तैरते होटल बन गए हैं।

    इसके अलावा अब तक 11,000 से ज्यादा कमर्शियल उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और करीब दस लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यह सब तब हुआ, जब शनिवार को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।

    ब्रिटिश नागरिकों को निकालने की कोशिश-

    करीब 1,30,000 ब्रिटिश नागरिक खाड़ी देशों में फंसे बताए जा रहे हैं। ब्रिटिश सरकार ने पहली आपातकालीन निकासी उड़ान की घोषणा की है, जो ओमान के मस्कट हवाई अड्डे से रवाना होगी। इसमें सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। विदेश मंत्री यवेट कूपर ने संसद में कहा, कि ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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    एमिरेट्स, एटिहेड और Virgin Atlantic ने दुबई से उड़ानें बढ़ा दी हैं, लेकिन ब्रिटिश एयरबेस अभी भी अपनी नियमित सेवाएं शुरू नहीं कर पाई है। कई अमीर प्रवासी तो रेगिस्तान के रास्ते ओमान और सऊदी अरब होते हुए, भागने की कोशिश कर रहे हैं। यह संकट अब सिर्फ एक क्षेत्र की लड़ाई नहीं रहा, यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़े खतरे की घंटी बन चुका है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।