Earthquake Lights Turkey
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    Earthquake Lights Turkey: मार्च 2026 के आखिरी दिनों में जब तुर्की और ग्रीस के पास एजियन सागर में छोटे-छोटे भूकंप आ रहे थे, तब आसमान में कुछ ऐसा दिखा, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। आसमान में चमकीले, रंगीन और लंबे-लंबे प्रकाश के खंभे दिखाई दिए, जो 1 अप्रैल तक नज़र आते रहे। लोगों ने इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया। किसी ने कहा, यह फरिश्ते हैं, किसी ने कहा, यह किसी सिम्युलेशन का हिस्सा है। लेकिन असली जवाब न आसमान में था, न किसी चमत्कार में बल्कि धरती की गहराइयों में छुपा था।

    यह रोशनी असली थी-

    वैज्ञानिकों ने पुष्टि की, कि यह भूकंप प्रकाश यानी अर्थक्विक लाइट्स अर्थक्विक लाइट्स थे, एक दुर्लभ लेकिन असली प्राकृतिक घटना। यह रोशनी भूकंप से ठीक पहले, उसके दौरान या बाद में आसमान में दिखती है। कभी यह बिजली की चमक जैसी लगती है, कभी हल्की सी चमक और कभी-कभी ऊपर की ओर उठते हुए चमकदार खंभों जैसी। सैकड़ों साल से लोग इसे देखते आए हैं, लेकिन यह इतनी कम बार होती है, कि अधिकतर लोगों ने इसे कभी नहीं देखा।

    धरती के अंदर क्या होता है जो रोशनी बनती है?

    विज्ञान इसे पूरी तरह समझ चुका है, भले ही कुछ सवाल अभी भी बाकी हैं। जब धरती की विशाल टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, तो ज़मीन के नीचे मौजूद पत्थरों पर ज़बरदस्त दबाव पड़ता है। खासतौर पर वो पत्थर जिनमें quartz या कुछ खास खनिज होते हैं, वो इस दबाव में विद्युत आवेश यानी इलैक्ट्रिक चार्ज पैदा करते हैं, बिल्कुल जैसे धरती के अंदर एक विशाल प्राकृतिक बैटरी चालू हो गई हो।

    यह चार्जेस दरारों और भ्रंशों के रास्ते ऊपर की तरफ बढ़ते हैं और जब ये सतह पर पहुंचते हैं, तो हवा के अणुओं से टकराते हैं। इस टकराव से एक चमकती हुई प्लाज़मा बनती है, वही जो नियोन बल्बों में होती है। नतीजा होता है वो अद्भुत रोशनी जो आसमान में दिखती है, बिना आग, बिना गर्मी।

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    जहां सीधी दरारें, वहां ज़्यादा रोशनी-

    वैज्ञानिकों ने यह भी देखा है कि यह रोशनी उन जगहों पर ज़्यादा दिखती है, जहां ज़मीन में सीधी और खड़ी दरारें होती हैं। एजियन सागर का इलाका भी ऐसा ही है, जहां की भौगोलिक संरचना इस विद्युत ऊर्जा को आसानी से ऊपर आने का रास्ता देती है। प्रयोगशालाओं में भी वैज्ञानिकों ने पत्थरों पर दबाव डालकर ऐसे ही विद्युत प्रभाव देखे हैं, हालांकि इस पर अभी और शोध जारी है।

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    यह रोशनी न कोई चमत्कार है, न कोई डरावनी बात, बस हमारी धरती की अपार शक्ति का एक अनोखा नज़ारा है। प्रकृति जब अपना रूप दिखाती है, तो इंसान बस देखता रह जाता है।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।