Infection from Pet Dog
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    Infection from Pet Dog: एक आम शनिवार की शाम, घर लौटना, अपने प्यारे कुत्ते के साथ खेलना और फिर महज 48 घंटों में ज़िंदगी पूरी तरह पलट जाना। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि ब्रिटेन में रहने वाली 52 वर्षीय मंजीत संघा की सच्ची और दिल दहला देने वाली दास्तान है। जुलाई 2025 में उनके पालतू कुत्ते ने जब उनकी छोटी सी खरोंच को चाटा, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था, कि यह एक मामूली पल उनकी पूरी ज़िंदगी बदल देगा।

    कैसे एक सामान्य दिन बन गया आपातकाल?

    मंजीत रविवार को काम पर गईं और सोमवार की रात तक वे बेहोश हो चुकी थीं। उनके होंठ नीले पड़ गए, हाथ-पैर बर्फ की तरह ठंडे हो गए और सांस लेना मुश्किल हो गया। उनके पति कमलजीत संघा ने BBC से बात करते हुए कहा, कि शनिवार को वो कुत्ते के साथ खेल रही थीं, रविवार को काम पर गईं और सोमवार की रात कोमा में थीं।

    डॉक्टरों को उनके दोनों पैर घुटने के नीचे से और दोनों हाथ काटने पड़े। इतना ही नहीं, उन्हें छह बार कार्डियक अरेस्ट भी आया और उनकी तिल्ली भी निकालनी पड़ी। 32 हफ्तों के बाद वे अस्पताल से घर लौटीं।

    किस बैक्टीरिया ने मचाई तबाही?

    डॉक्टरों का मानना है, कि मंजीत के कुत्ते की लार में मौजूद Capnocytophaga canimorsus नामक बैक्टीरिया उनकी छोटी सी खरोंच के ज़रिए खून में दाखिल हो गया। यह बैक्टीरिया कुत्तों और बिल्लियों के मुंह में आमतौर पर पाया जाता है और जानवरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन इंसानों में यह दुर्लभ मामलों में sepsis जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है।

    Sepsis क्या है और यह इतना खतरनाक क्यों है?

    Sepsis एक ऐसी जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर किसी संक्रमण से लड़ने की बजाय खुद अपने ही अंगों पर हमला करने लगता है। इससे पूरे शरीर में सूजन फैल जाती है और अगर समय पर इलाज न मिले, तो ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है, अंग काम करना बंद कर देते हैं और मौत भी हो सकती है। तेज़ बुखार, ठंड लगना, तेज़ सांस, थकान, त्वचा पर लाल चकत्ते और पेशाब कम होना, ये सभी sepsis के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. जिन्हें बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

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    पालतू जानवर रखते हैं तो यह बात ज़रूर याद रखें-

    पालतू जानवरों से संक्रमण के मामले बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन मंजीत की कहानी यह याद दिलाती है. कि अगर शरीर पर कोई खुला घाव हो, तो अपने पालतू जानवर को उसे चाटने से रोकें। बुखार, घबराहट या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, देरी जानलेवा हो सकती है।

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    (यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर से ज़रूर परामर्श करें।)

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।