UPI Payment New Rules: अगर आप भी रोजाना PhonePe, GPay, और Paytm जैसे UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI पेमेंट्स के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो करोड़ों यूजर्स को प्रभावित करने वाले हैं। इन नए रूल्स के तहत UPI का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला एक फीचर पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।
यह बदलाव यूजर्स की सिक्योरिटी बढ़ाने और बढ़ते हुए फाइनेंशियल फ्रॉड को रोकने के लिए किया जा रहा है। हालांकि यह फैसला यूजर्स की सुरक्षा के लिए अच्छा है, लेकिन कई लोगों को अपनी रोजाना की पेमेंट हैबिट्स में बदलाव करना पड़ेगा।
P2P कलेक्ट फीचर का अंत-
29 जुलाई को जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार, NPCI ने साफ तौर पर कहा है, कि 1 अक्टूबर 2025 तक, UPI P2P कलेक्ट को UPI में प्रोसेस करने की अनुमति नहीं होगी। इसका मतलब यह है, कि सभी बैंक्स और पेमेंट ऐप्स से कलेक्ट रिक्वेस्ट फीचर को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।
P2P यानी पीयर-टू-पीयर फीचर का इस्तेमाल आमतौर पर दूसरे UPI यूजर्स को पैसे की रिक्वेस्ट भेजने के लिए किया जाता है। चाहे किसी को बिल स्प्लिट करने के लिए रिमाइंड करना हो या फिर किसी से पैसे वापस मांगने हों, यह फीचर बेहद उपयोगी था। लेकिन अब यूजर्स को इस सुविधा के बिना काम चलाना होगा।
फ्रॉडस्टर्स का गलत इस्तेमाल-
इस फीचर को हटाने की सबसे बड़ी वजह है, इसका गलत इस्तेमाल। फ्रॉडस्टर्स अक्सर इस P2P कलेक्ट फीचर का इस्तेमाल करके मासूम लोगों को धोखा देते हैं। वे फर्जी रोल अपनाकर या फर्जी इमरजेंसी का बहाना बनाकर यूजर्स को पैसे की रिक्वेस्ट भेजते हैं। जब यूजर गलती से इन रिक्वेस्ट्स को एक्सेप्ट कर देते हैं, तो तुरंत उनके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं।
पहले की गई थी लिमिट लगाने की कोशिश-
दरअसल, पहले भी NPCI ने इस समस्या को कम करने की कोशिश की थी। P2P ट्रांजैक्शन की लिमिट ₹2,000 प्रति ट्रांजैक्शन कर दी गई थी। इस कदम से कुछ हद तक फ्रॉड के केसेज कम हुए थे, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। छोटी अमाउंट में भी लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे थे, इसलिए अब पूरी तरह से इस फीचर को बंद करने का फैसला लिया गया है।
अब कैसे करेंगे पेमेंट-
1 अक्टूबर 2025 से यूजर्स को स्ट्रिक्टली QR कोड या कॉन्टैक्ट नंबर सेलेक्ट करके ही पैसे भेजने होंगे। UPI पिन एंटर करके ट्रांजैक्शन कम्प्लीट करना होगा। यह तरीका ज्यादा सिक्योर है, क्योंकि यहां खुद अपनी मर्जी से पेमेंट इनिशिएट पैसे भेजने वाला करता है। इससे पूरी तरह से गलत रिक्वेस्ट्स एक्सेप्ट करने का जोखिम खत्म हो जाएगा। हालांकि यूजर्स को थोड़ी परेशानी हो सकती है शुरू में, लेकिन यह उनकी सिक्योरिटी के लिए बेहतर होगा।
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मर्चेंट ट्रांजैक्शन्स पर कोई असर नहीं-
अच्छी खबर यह है, कि ये नए UPI पेमेंट रूल्स मर्चेंट ट्रांजैक्शन्स को प्रभावित नहीं करेंगे। Flipkart, Amazon, Swiggy, और IRCTC जैसे प्लेटफॉर्म्स को कलेक्शन रिक्वेस्ट भेजने की अनुमति रहेगी। ये प्लेटफॉर्म्स अपने पेमेंट कम्प्लीट करने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकेंगे। हालांकि, यूजर्स के पास अभी भी कंट्रोल रहेगा। उन्हें रिक्वेस्ट को अप्रूव करना होगा और UPI पिन एंटर करके पेमेंट कम्प्लीट करना होगा। इससे ऑनलाइन शॉपिंग और फूड ऑर्डरिंग में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
यह बदलाव हालांकि चुनौतीपूर्ण लगता है, लेकिन यूजर्स की फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए यह एक बेहतरीन कदम है। अब लोगों को UPI फ्रॉड से काफी हद तक राहत मिलेगी।
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