Lavender Gardening Tips
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    Lavender Gardening Tips: आजकल लोग अपने घरों की बालकनी या छत को गार्डनिंग से सजाना पसंद करते हैं। इस ट्रेंड में एक पौधा सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है, लैवेंडर। इसकी खूबसूरत बैंगनी कलियां और मनमोहक खुशबू न सिर्फ घर को आकर्षक बनाती हैं बल्कि मन को भी सुकून देती हैं। लेकिन अक्सर लोग यह गलती कर बैठते हैं, कि सही किस्म या सही तरीके से इसकी देखभाल नहीं करते, जिसकी वजह से पौधा ज्यादा दिन टिक नहीं पाता। अगर आप भी चाहते हैं, कि आपकी बालकनी महक उठे तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा।

    सही किस्म का चुनाव क्यों है ज़रूरी?

    लैवेंडर की कई वैराइटीज़ होती हैं, लेकिन हर किस्म आपके घर के लिए सही नहीं होती। अगर आप कंटेनर या बालकनी गार्डनिंग कर रहे हैं, तो Munstead और Hidcote जैसी कॉम्पैक्ट किस्में सबसे बेहतर मानी जाती हैं। ये छोटे आकार में भी अच्छे से बढ़ती हैं और गमलों में आसानी से एडजस्ट हो जाती हैं।

    धूप है लैवेंडर की सबसे बड़ी ज़रूरत-

    लैवेंडर पौधा सूरज की रोशनी का दीवाना होता है। अगर आप इसे घर के किसी कोने में रख देंगे जहां रोशनी कम आती है, तो यह जल्दी मुरझा जाएगा। इसे रोजाना कम से कम 6–8 घंटे की डायरेक्ट सनलाइट चाहिए। इसलिए गमला हमेशा ऐसे स्थान पर रखें जहां धूप सबसे ज्यादा मिलती हो।

    किस गमले में लगाएं लैवेंडर?

    लैवेंडर के लिए टेरेकोटा या क्ले पॉट सबसे अच्छा माना जाता है। ये गमले मिट्टी को जल्दी सुखाते हैं और पानी ज्यादा देर तक रुका नहीं रहता। इससे पौधे की जड़ों में सड़न (root rot) की समस्या नहीं होती। ध्यान रखें कि गमले में हमेशा ड्रेनेज होल जरूर हो। इसके अलावा, गमले का साइज भी बड़ा होना चाहिए, कम से कम 12 इंच चौड़ा और गहरा। इससे पौधे की जड़ों को फैलने और सांस लेने की जगह मिलती है।

    मिट्टी कैसी होनी चाहिए?

    लैवेंडर को नम मिट्टी पसंद नहीं है। अगर मिट्टी ज्यादा देर तक गीली रहती है तो जड़ें खराब हो सकती हैं। इसलिए गमले में मिट्टी भरते समय 2 हिस्से पॉटिंग सॉइल और 1 हिस्सा रेत या पर्लाइट मिलाएं। इससे मिट्टी हल्की और well-draining बनेगी, जो लैवेंडर के लिए सबसे परफेक्ट है।

    पौधे को लगाते समय रखें ये ध्यान-

    जब आप नर्सरी से लैवेंडर लाएं तो उसे गमले में लगाने से पहले उसकी जड़ों को हल्के हाथों से ढीला करें। पौधे को इस तरह लगाएं कि उसका बेस मिट्टी की सतह से थोड़ा ऊपर रहे। मिट्टी को पौधे के चारों ओर दबाएं लेकिन बहुत कसकर नहीं।

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    पानी और खाद का सही तरीका-

    लैवेंडर को बार-बार पानी देने की ज़रूरत नहीं होती। इसे तभी पानी दें, जब गमले की मिट्टी ऊपर से 1–2 इंच सूखी हो जाए। हमेशा गहराई तक पानी दें ताकि जड़ें मजबूत बनें। खाद की बात करें, तो इसे ज्यादा फर्टिलाइज़र पसंद नहीं है। बस साल में एक बार, वसंत ऋतु में हल्की मात्रा में लो-नाइट्रोजन फर्टिलाइज़र दें।

    लैवेंडर को झाड़ीदार बनाने का राज़-

    अगर आप चाहते हैं, कि आपका लैवेंडर ज्यादा घना और झाड़ीदार बने, तो फूल झड़ने के बाद उसकी छंटाई जरूर करें। ऊपर से एक-तिहाई हिस्सा काट दें। लेकिन ध्यान रहे, कि पुराने लकड़ी जैसे हिस्से को न काटें।

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