Punjab Flood 2025
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    Punjab Flood 2025: पंजाब राज्य इन दिनों गंभीर बाढ़ की चपेट में आ गया है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में हुई तेज बारिश की वजह से सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। इन नदियों के किनारे बसे हजारों गांव अब पानी में डूब गए हैं और लाखों किसान अपनी फसलों को देखकर आंसू बहा रहे हैं।

    यह स्थिति सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि उन लाखों परिवारों के लिए जीवन-मृत्यु का सवाल बन गई है, जिनकी आजीविका खेती पर निर्भर है। गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरन तारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

    1000 से ज्यादा गांवों में तबाही-

    राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1,018 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इसमें पठानकोट के 81 गांव, फाजिल्का के 52, संगरूर के 22, फिरोजपुर के 101, कपूरथला के 107, तरन तारन के 45, श्री मुक्तसर साहिब के 64, होशियारपुर के 85, मोगा के 35 गांव और गुरदासपुर के 323 शामिल हैं।

    61,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब गई है। फाजिल्का में 16,632 हेक्टेयर, फिरोजपुर में 10,806 हेक्टेयर, कपूरथला में 11,620 हेक्टेयर, पठानकोट में 7,000 हेक्टेयर, तरन तारन में 9,928 हेक्टेयर और होशियारपुर में 5,287 हेक्टेयर खेत पानी में डूब गए हैं।

    राहत और बचाव अभियान तेज-

    इस मुश्किल घड़ी में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, सीमा सुरक्षा बल और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अब तक 11,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित किए गए 87 राहत शिविरों में से 77 पूरी तरह से चालू हैं, जहां 4,729 लोगों को आश्रय मिला हुआ है।

    कपूरथला में खतरे की घंटी-

    रविवार को कपूरथला जिला प्रशासन ने उच्च चेतावनी जारी करते हुए सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। लगातार बारिश की वजह से ब्यास नदी में पानी का स्तर और भी तेजी से बढ़ रहा है। कपूरथला के उपायुक्त अमित कुमार पांचाल ने बताया, कि भारी बारिश के कारण ब्यास नदी में पानी का स्तर 2.35 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है।

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    किसानों की बर्बादी-

    इस बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। धान, मक्का और अन्य फसलों के नुकसान से राज्य को अरबों रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। पशुधन की हानि भी काफी हुई है। कई किसान अपनी पूरी फसल को पानी में डूबता देख रो रहे हैं।

    सुल्तानपुर लोधी और भोलाथ क्षेत्र के गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं। सेना और राज्य आपदा मोचन बल की टीमें लगातार लोगों को निकालने का काम कर रही हैं। मौसम विभाग ने कपूरथला जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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