Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को आरा की एक रैली में खुद को इंडिया गठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह ऐलान उस समय किया गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे।
तेजस्वी यादव का यह बयान राहुल गांधी की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के आखिरी चरण के दौरान आया है। अब तक कांग्रेस और राहुल गांधी आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे के बारे में चुप्पी साधे हुए थे। लेकिन शनिवार को आरा की सभा में जब रायबरेली सांसद राहुल गांधी मौजूद थे, तब तेजस्वी ने यह बड़ा ऐलान किया। यह घोषणा बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है और आने वाले दिनों में इसकी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
नीतीश कुमार को घेरा-
रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने नीतीश कुमार को ‘नकलची मुख्यमंत्री’ करार दिया और आरोप लगाया, कि वह सिर्फ उनकी नीतियों की नकल करके घोषणाएं कर रहे हैं। तेजस्वी ने भीड़ से सवाल पूछा, “आप असली मुख्यमंत्री चाहते हैं या फिर नकली?”
#WATCH | Patna, Bihar: When asked if Tejashwi Yadav will be the chief ministerial face for INDIA bloc, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, "…Tejashwi ji has shown his work here. And when he was in the government here, the decisions he took, jobs were given. What better… pic.twitter.com/bt5jMguKiA
— ANI (@ANI) August 30, 2025
इस सवाल के बाद भीड़ से जोरदार तालियां मिलीं और लोगों ने तेजस्वी के समर्थन में नारे लगाए। तेजस्वी ने राहुल गांधी की मौजूदगी में खुद को गठबंधन का ‘असली मुख्यमंत्री’ उम्मीदवार घोषित किया। रैली में तेजस्वी ने कहा, “तेजस्वी आगे बढ़ रहा है और सरकार पीछे-पीछे चल रही है।” यह बयान सुनकर भीड़ में जोरदार खुशी देखी गई और लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
अखिलेश यादव का मजबूत समर्थन-
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए और आरजेडी नेता को इंडिया गठबंधन के बिहार मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में मजबूत समर्थन दिया।
अखिलेश यादव ने इस यात्रा को बिहार में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक आंदोलन बताया। उन्होंने कहा, कि इस यात्रा ने राज्य के लोगों को जगाया है, कि उनके अधिकार ‘छीने जा रहे हैं’। अखिलेश ने कहा, “मैं तेजस्वी जी को उस यात्रा के लिए बधाई देता हूं जो उन्होंने की है। उन्होंने बिहार के लोगों को अवगत कराया, कि उनके अधिकार छीने जा रहे हैं।”
पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने तेजस्वी के पिछले कार्यकाल की तारीफ करते हुए, उनके रोजगार के रिकॉर्ड को उजागर किया। अखिलेश ने कहा, “तेजस्वी जी ने पहले भी अपना काम दिखाया है। एक समय था, जब उन्होंने रिकॉर्ड संख्या में नौकरियां दीं और रोजगार उपलब्ध कराया था।”
युवाओं के लिए उम्मीद की किरण-
अखिलेश यादव ने आगे कहा, “अब बिहार के युवाओं में कम से कम यह विश्वास तो है, कि एक बार सरकार बनने पर तेजस्वी जी फिर से उन्हें रोजगार देंगे।” जब उनसे पूछा गया, कि क्या तेजस्वी यादव इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे होंगे तो समाजवादी पार्टी प्रमुख ने पूरा समर्थन दिया।
अखिलेश ने कहा, “तेजस्वी जी ने यहां अपना काम दिखाया है। जब वह यहां सरकार में थे, तो उन्होंने जो फैसले लिए, नौकरियां दीं। इससे बेहतर चेहरा क्या हो सकता है? मैं उन्हें आश्वासन देता हूं, कि हम अपने सारे अनुभव से उनकी मदद करेंगे।”
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चुनावी तैयारियों में तेजी-
बिहार में अक्टूबर या नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में तेजस्वी यादव का यह ऐलान चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। राजद नेता का यह कदम बिहार की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। पिछले चुनावों में तेजस्वी यादव की पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा था और इस बार वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे हैं।
इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीतिक पार्टियों में हलचल मच गई है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम करने में लग गए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा, कि इंडिया गठबंधन के अन्य सहयोगी दल इस घोषणा पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
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