TN Ammonia Gas Leak: तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में हुए अमोनिया गैस रिसाव ने गंभीर रूप ले लिया है। इस हादसे में अब तीन और लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा सोमवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, कई प्रभावित लोगों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और दर्जनों मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
रूटीन काम के दौरान अचानक फैली जहरीली गैस-
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा तिरुवल्लुर जिले के मंजांगरणाई इलाके में स्थित एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ। कर्मचारी रोज की तरह अपने काम में लगे हुए थे, तभी अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस के संपर्क में आने से कई मजदूरों की तबीयत बिगड़ने लगी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
67 लोगों को अस्पताल में कराया गया भर्ती-
इस हादसे के बाद कुल 67 लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज वेंकटेश्वरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल, वेल्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल, स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल और चेन्नई के राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल अस्पताल (आरजीजीजीएच) में किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीमें लगातार मरीजों की निगरानी कर रही हैं और गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
विधानसभा में मुद्दा उठाने की मांग-
इस हादसे ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस मामले को सदन में चर्चा के लिए शामिल करने की मांग की है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और वामपंथी दलों के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है, कि इस गंभीर घटना पर विस्तृत चर्चा कराई जाए ताकि हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की जांच की जा सके।
ये भी पढ़ें- Delhi High Court का फैसला, जानिए Telegram Ban पर रोक लगाने वाली यचिका पर क्या कहा
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल-
लगातार बढ़ती मौतों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को देखते हुए फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों का कहना है, कि ऐसे उद्योगों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और उम्मीद की जा रही है, कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों के बारे में तस्वीर साफ हो सकेगी।
ये भी पढ़ें- Cockroach Janta Party ने पीएम को लिखी खुली चीट्ठी, ₹1 करोड़ कंपनसेशन के साथ छात्रों के लिए की ये मांग


