Petrol, Diesel Price Hike: ईरान और अमेरिका के बीच करीब एक महीने से जारी जंग का असर अब सीधे भारत के आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल की कीमत में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला उस वक्त आया है, जब ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और Strait of Hormuz लगभग बंद होने की कगार पर है।
क्यों बढ़े दाम समझिए पूरा खेल (Petrol, Diesel Price Hike)-
PTI के सूत्रों के हवाले से बताया गया है, कि Nayara Energy, जो रूस की कंपनी Rosneft की मैज्योरिटी ओनरशिप में है, अपने बढ़े हुए इनपुट कॉस्ट्स का बोझ अब कंज्यूमर्स पर डालने पर मजबूर हो गई है। कंपनी देशभर के 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 पंप ऑपरेट करती है। सरकारी तेल कंपनियों को जहां सरकार की तरफ से नुकसान की भरपाई होती है, वहीं प्राइवेट कंपनियों को ऐसी कोई राहत नहीं मिलती। ऐसे में Nayara के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। हालांकि हर राज्य में VAT और लोकल टैक्स अलग-अलग होने की वजह से असली बढ़ोतरी अलग-अलग है, कुछ जगहों पर पेट्रोल ₹5.30 प्रति लीटर तक महंगा हो गया है।
पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी लाइनें-
फ्यूल की कीमतें बढ़ने और सोशल मीडिया पर फ्यूल शॉर्टेज की अफवाहों ने लोगों में पैनिक बायिंग की लहर ला दी है। असम के गुवाहाटी समेत कई राज्यों में पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। LPG की किल्लत ने भी फिलिंग स्टेशन और डिपोट्स पर भीड़ बढ़ा दी है। सरकार ने भले ही यह आश्वासन दिया है, कि देश में फ्यूल की कोई कमी नहीं है, लेकिन जनता का डर कम होने का नाम नहीं ले रहा।
आपके शहर में क्या है रेट?
अगर बात करें शहर-दर-शहर कीमतों की, तो Hyderabad इस वक्त सबसे महंगे पेट्रोल वाला tier-1 शहर बन गया है जहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹107.46 पहुंच गई है। Mumbai और Kolkata में भी पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार जा चुका है। डीजल में भी Hyderabad सबसे आगे है जहां यह ₹95.70 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
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सियासी बवाल भी शुरू-
इस पूरे मामले पर सियासत भी गरम हो गई है। AIMIM चीफ और हैदराबाद सांसद Asaduddin Owaisi ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस “एनर्जी क्राइसिस” को संभालने में “कॉफ ऑफ गार्ड” हो गई है और पर्याप्त स्ट्रेटेजिक पैट्रोलियम रिज़र्व नहीं बना पाई। उन्होंने यह भी चेतावनी दी, कि आने वाले विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम और तेजी से बढ़ सकते हैं। फर्टिलाइजर की कमी की बात भी उन्होंने उठाई जिसका सीधा असर खेती और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है।
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