Rahul Gandhi
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    Rahul Gandhi: नई दिल्ली में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi और कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर गंदी और नंगी राजनीति करने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में राहुल गांधी ने भी तीखा पलटवार किया। इस सियासी जंग ने संसद से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X तक बहस छेड़ दी है।

    एपस्टीन फाइल्स और ट्रेड डील पर निशाना-

    राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा, कि असली शर्म की बात यह है, कि प्रधानमंत्री और उनके एक मंत्री का नाम कथित रूप से Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलों में सामने आ रहा है। उन्होंने इसे देश की छवि से जोड़ते हुए गंभीर मुद्दा बताया। साथ ही भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है, कि इस समझौते में भारत को कोई ठोस फायदा नहीं मिला और देश के हितों से समझौता किया गया।

    राहुल ने यह भी कहा, कि देश का डेटा सौंप दिया गया और किसानों व टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान हुआ। उनका दावा है, कि यह सब सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।

    अडानी केस और बेचैनी का आरोप-

    कांग्रेस नेता ने उद्योगपति Gautam Adani के खिलाफ अमेरिका में चल रहे केस का भी जिक्र किया। उनका कहना है, कि यह मामला सिर्फ एक कारोबारी का नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल की फाइनेंशियल आर्किटेक्चर से जुड़ा है। राहुल ने आरोप लगाया, कि 14 महीने से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो अपने आप में सवाल खड़े करती है।

    उन्होंने यहां तक कहा, कि इसी वजह से प्रधानमंत्री संसद में विपक्ष का सामना करने से बचते नजर आए। राहुल के मुताबिक, डर की वजह कोई किताब नहीं, बल्कि एपस्टीन फाइल्स और अडानी से जुड़ा केस है।

    ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन और प्रधानमंत्री का पलटवार-

    इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब भारत एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “शर्टलेस” प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, कि एक अंतरराष्ट्रीय मंच को भी विपक्ष ने अपनी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। उन्होंने कांग्रेस को विचारधारा से दिवालिया बताया और कहा, कि विपक्ष सीमाएं लांघ चुका है।

    प्रधानमंत्री ने यह बयान नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो विस्तार के उद्घाटन के दौरान दिया। उनका कहना था, कि देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली राजनीति से बचना चाहिए।

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    सियासत के बीच जनता के सवाल-

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम जनता के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। क्या ये आरोप सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं या इनमें सच्चाई है? क्या ट्रेड डील और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होगी?

    राहुल गांधी ने साफ कहा है, कि कांग्रेस एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी और किसानों, मजदूरों तथा छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा करती रहेगी। वहीं भाजपा की ओर से भी पलटवार जारी है।

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    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है, कि आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है। संसद का अगला सत्र और आगामी चुनावी माहौल इस बहस को और धार दे सकता है। फिलहाल, देश की राजनीति में बयानबाज़ी का पारा हाई है और जनता देख रही है, कि सच्चाई किसके पक्ष में खड़ी होती है।

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।