McDonald’s Unsafe Oil: जयपुर के गौरव टावर स्थित मैकडॉनल्ड रेस्टोरेंट में सोमवार को राजस्थान हेल्थ डिपार्टमेंट की फूड सेफ्टी टीम ने सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया। टीम ने पाया, कि रेस्टोरेंट में फ्रेंच फ्राइज और अन्य फूड आइटम्स तलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे, रिफाइंड पाम कुकिंग ऑयल में टोटल पोलर कंपाउंड यानी TPC का लेवल सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा था। यह खुलासा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि लोगों की सेहत के लिए खतरे की घंटी भी है। इस मामले में रेस्टोरेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
कितना खतरनाक था तेल का लेवल-
फूड सेफ्टी नॉर्म्स के अनुसार, कुकिंग ऑयल में TPC की मैक्सिमम लिमिट 25 प्रतिशत होनी चाहिए। लेकिन अधिकारियों ने बताया, कि नॉन वेज आइटम्स के लिए इस्तेमाल किए जा रहे, तेल में TPC 28 प्रतिशत था, जबकि वेजिटेरियन फूड के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल में यह 31 प्रतिशत तक पहुंच गया था। यह लेवल निर्धारित मानकों से काफी ऊपर है और सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऐसे तेल में बने खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
क्यों खतरनाक है ज्यादा TPC वाला तेल-
द् टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर जयपुर-II डॉ मनीष मित्तल ने बताया, कि TPC एक ऐसा पैरामीटर है, जो कुकिंग ऑयल की क्वालिटी बताता है। जब इसकी मात्रा 25 प्रतिशत से ज्यादा हो जाती है, तो तेल एक तरह से टॉक्सिक हो जाता है। इसमें कार्सिनोजेनिक एलिमेंट्स बनने लगते हैं और ट्रांस फैट की मात्रा बहुत हाई हो जाती है, जो हार्ट डिजीज की बड़ी वजह है। डॉ मित्तल ने यह भी कहा, कि टीम ने पाया, कि तेल बिल्कुल काला हो चुका था और बिल्कुल इस्तेमाल के लायक नहीं था, फिर भी फूड आइटम्स को इसी तेल में करीब 150 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके तला जा रहा था।
40 लीटर तेल किया नष्ट-
अधिकारियों ने मौके पर ही तेल के सैंपल लिए और करीब 40 लीटर तेल को नष्ट कर दिया। डॉ मित्तल ने बताया, कि इस तेल में सुबह से लेकर रात तक लगातार फ्राइंग की जा रही थी। मौके पर मौजूद रेस्टोरेंट के मैनेजर संभव भारद्वाज को तुरंत प्रभाव से ताजा तेल का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत रेस्टोरेंट को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा और सैंपल टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सड़े टमाटर भी मिले स्टोर में-
इंस्पेक्शन के दौरान अधिकारियों ने कोल्ड रूम में प्लास्टिक के क्रेट्स में रखे हुए सड़े टमाटर भी पाए। टीम ने मौके पर ही 40 किलोग्राम टमाटर को नष्ट कर दिया। यह पूरा मामला फूड सेफ्टी के मानकों की खुली अनदेखी को दर्शाता है। यह घटना लोगों को यह सोचने पर मजबूर करती है, कि जिन ब्रांडेड रेस्टोरेंट्स पर हम आंख बंद करके भरोसा करते हैं, वहां भी क्वालिटी कंट्रोल को लेकर कितनी लापरवाही बरती जा रही है।
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