Cutting Nails on Tuesday: भारतीय घरों में बचपन से ही हमें सिखाया जाता है, कि कुछ खास दिनों में नाखून नहीं काटने चाहिए। खासतौर पर मंगलवार और शाम के समय नाखून काटने से मना किया जाता है। हममें से ज्यादातर लोग इस नियम को बिना सवाल किए फॉलो करते आए हैं, लेकिन कभी सोचा है, कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है?
अगर आप भी यही सोचते हैं, कि यह सिर्फ एक अंधविश्वास है, तो जान लीजिए, कि इसके पीछे वैदिक ज्योतिष और ग्रहों का गहरा विज्ञान छुपा हुआ है। आइए समझते हैं इस परंपरा के पीछे की असली वजह।
सदियों पुरानी परंपरा का राज-
हमारे बुजुर्ग हमेशा से कहते आए हैं, कि मंगलवार को या रात के समय नाखून नहीं काटने चाहिए। यह सिर्फ एक रिवाज नहीं बल्कि वैदिक ज्योतिष पर आधारित एक गहरी मान्यता है। वैदिक परंपराओं के अनुसार, मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से है, जो कर्म ऋण और स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद करता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, नाखून शनि ग्रह का प्रतीक माने जाते हैं और मंगलवार को इन्हें काटने से प्राण ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दुर्भाग्य और बुरी किस्मत का सामना करना पड़ सकता है।
मंगल ग्रह की आक्रामक ऊर्जा का प्रभाव-
वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, मंगलवार को मंगल ग्रह की तीव्र और अग्नि जैसी ऊर्जा का राज होता है। इस दिन नाखून काटने से अनचाहे विवाद, रुकावटें, स्वास्थ्य समस्याएं और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, नेल कटर जैसे तेज औजारों का उपयोग मंगल दोष को बढ़ा सकता है, जिससे परेशानियां, तनाव और कुछ मामलों में दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
ज्योतिष और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, मंगलवार को नाखून काटने से तामसिक ऊर्जा आकर्षित होती है, जो अक्सर मुसीबतों, हिंसा और आक्रामकता को जन्म देती है।
कर्म ऋण और पितृ दोष का खतरा-
प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार, यह माना जाता है, कि मंगलवार को या शाम के समय नाखून काटने से आर्थिक कर्ज और पितृ दोष लग सकता है। मंगल ग्रह खून और लोहे का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि नाखून शनि का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब ये दोनों एनर्जीज़ टकराती हैं, तो समृद्धि और किस्मत पर बुरा असर पड़ता है। वैदिक ज्योतिष और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, ऐसा करने से रिश्तों में तनाव, कर्म ऋण और खुशहाली में रुकावट आ सकती है।
सुरक्षित विकल्प कौन से हैं-
अगर आप नाखून काटने के लिए सही दिन ढूंढ रहे हैं तो सोमवार, बुधवार या शुक्रवार को नाखून काट सकते हैं। सोमवार चंद्रमा की स्पष्टता का दिन है, बुधवार बुद्धि ग्रह का दिन है और शुक्रवार शुक्र ग्रह की सामंजस्यपूर्ण ऊर्जा का दिन है। इन दिनों में नाखून काटने से प्राण ऊर्जा बढ़ती है और ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।
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यह परंपरा सिर्फ एक अंधविश्वास नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र का अहम हिस्सा है। हालांकि आधुनिक समय में इन मान्यताओं पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन यह जानना दिलचस्प है, कि हमारी परंपराओं के पीछे कितना गहरा विज्ञान छुपा हुआ है।
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