Madhepura Railway Station: मंगलवार की सुबह बिहार के मधेपुरा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। RCC बेंच पर एक औरत की लाश पड़ी थी और उसके बगल में उसकी दो छोटी-छोटी बच्चियां, जिनकी उम्र महज 2 और 3 साल थी, रोते हुए अपनी मां को बार-बार हिला रही थीं। उन्हें क्या पता था, कि जिसे वो जगाने की कोशिश कर रही हैं, वो अब इस दुनिया में नहीं रही। Government Railway Police यानी GRP के जवानों ने जब इन बच्चियों को देखा, तो वो खुद भी हिल गए।
बाप ऑटो में लाया और छोड़कर चला गया-
जब GRP के अफसरों ने बच्चियों से पूछताछ की तो, जो बात सामने आई वो और भी दर्दनाक थी। बच्चियों ने बताया, कि उनके पिता मोहम्मद मुर्शिद उन्हें रात को ऑटो में बैठाकर स्टेशन लाए और वहां छोड़कर चले गए। “रात से पापा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वो अभी तक नहीं आए,” इन मासूमों ने पुलिस को बताया।
मृतका का नाम काजल बताया गया है और वो मधेपुरा स्टेशन से करीब 14 किलोमीटर दूर मुरलीगंज ब्लॉक के जितापुर गांव की रहने वाली थी।
हत्या या आत्महत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार-
GRP इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने बताया, कि मृतका के गले पर निशान मिले हैं, जिससे दो पॉसिबिलिटि सामने आ रही हैं। या तो काजल ने फंदा लगाकर खुद जान दी या फिर किसी ने रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या की। शव को मधेपुरा जिला अस्पताल भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने बताया, कि मृतका गर्भवती भी थी, जिसने इस पूरे मामले को और भी संगीन बना दिया है।
पति-पत्नी के बीच एक महीने से चल रहा था झगड़ा-
GRP अफसरों ने बताया, कि यह मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा लग रहा है। गांव की एक महिला ने बताया, कि काजल और मोहम्मद मुर्शिद के बीच पिछले एक महीने से झगड़ा चल रहा था और दोनों अलग-अलग रह रहे थे। पुलिस ने आरोपी पति की तलाश शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
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दोनों बच्चियां अब CWC की देखरेख में-
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा दिल टूटता है, उन दो मासूम बच्चियों के लिए जिनका न मां का साया रहा और न बाप ने अपनाया। फिलहाल दोनों बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी CWC को सौंप दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। पुलिस की जांच जारी है और पूरा देश उम्मीद कर रहा है, कि इन मासूमों को जल्द इंसाफ मिलेगा।
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