Jammu Journalist’s House Demolished: जम्मू में गुरुवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने इंसानियत पर भरोसा बहाल किया। पत्रकार अरफाज अहमद डाइंग का घर जम्मू विकास प्राधिकरण ने तोड़ दिया। यह घर 40 साल पुराना था और उनके पिता ने बनाया था। अरफाज पिछले साल अपना घर टूटने के बाद इसी घर में रहने आए थे। अब फिर से उनका घर तोड़ दिया गया और उनके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे बेघर हो गए।
लेकिन इस दुख के बीच उनके हिंदू पड़ोसी कुलदीप शर्मा ने ऐसा काम किया, जिसने सबको भावुक कर दिया। उन्होंने अरफाज को अपनी पांच मरला जमीन गिफ्ट में दे दी ताकि वे अपना घर फिर से बना सकें।
पत्रकार ने किया था ड्रग तस्करी पर रिपोर्टिंग-
अरफाज अहमद डाइंग एक डिजिटल न्यूज पोर्टल नीस सहर इंडिया चलाते हैं। उन्होंने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी के बारे में रिपोर्ट की थी, जिसके नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े संदिग्धों के साथ संबंध होने का आरोप था। यह एक बड़े सीमापार ड्रग तस्करी मामले से जुड़ा था।
People blame Gandhi-Nehru in vain while Hindus keep offering themselves as fodder in the name of “brotherhood”.
— Abhishek Singh (@IAbhi_s) November 29, 2025
When J&K admin demolished illegal encroachment by “journalist” Arfaaz in Jammu, his Hindu neighbour Kuldeep Sharma gifted him 350 gaz land via registry.
Last year… pic.twitter.com/KQIlBO3Rbm
पहले भी साल 2022 में अरफाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, क्योंकि उन्होंने शहर में चल रही तोड़फोड़ के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की कवरेज की थी। अरफाज का कहना है, कि उनका घर इसलिए तोड़ा गया, क्योंकि वे सच्ची खबरें लिखते हैं और ताकतवर लोगों के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
कोई नोटिस नहीं मिला-
गुरुवार को जम्मू विकास प्राधिकरण ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और इसी दौरान अरफाज का घर तोड़ दिया गया। अरफाज ने कहा, कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था और यह चयनात्मक तरीके से की गई कार्रवाई है।
The Jammu Development Authority has demolished the house of journalist Arfaz Ahmed Daing, who had reported on a drug network bust case and had linked a police officer to it.
— Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) November 28, 2025
The home was in the name of Arfaz’s father, yet it was demolished without following any legal procedure.… pic.twitter.com/dTYrBBLNT9
उन्होंने सवाल उठाया, कि अधिकारी इतने साल कहां थे। यह घर तो 40 साल से खड़ा था, अगर अतिक्रमण था, तो पहले क्यों नहीं हटाया गया। यह सवाल वाजिब है, क्योंकि अचानक किसी का घर तोड़ना और वह भी बिना नोटिस के, न्याय नहीं लगता। खासकर जब उस व्यक्ति के परिवार में बुजुर्ग और छोटे बच्चे हों।
पड़ोसी ने कही ये दिल छू लेने वाली बात-
अरफाज के पड़ोसी कुलदीप शर्मा ने अपनी बेटी तान्या के साथ आकर ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में पत्रकार के परिवार को पांच मरला जमीन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, कि मैं अपनी बेटी के नाम से यह जमीन गिफ्ट कर रहा हूं ताकि मेरा भाई अपना घर फिर से बना सके। कुलदीप शर्मा ने भावुक होकर कहा, कि अगर मुझे भीख भी मांगनी पड़ी तो मैं अपने भाई का घर बनवाने में मदद करूंगा। चाहे जो हो जाए, उसका घर दोबारा बनेगा।
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यह बात सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह दिखाता है, कि असली भाईचारा धर्म से नहीं बल्कि इंसानियत से होता है। जम्मू और कश्मीर के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना भी इलाके में आए और प्रभावित परिवारों से मिले। उन्होंने इस तोड़फोड़ को चयनात्मक बताया और पूरे समर्थन का आश्वासन दिया। रैना ने कहा, कि यह देखकर मुझे दुख हुआ। हमारे प्रधानमंत्री गरीबों को घर देने में विश्वास करते हैं, उन्हें तोड़ने में नहीं। हम हर संभव मदद सुनिश्चित करेंगे।
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