Delhi Ground Water Uranium: केंद्र सरकार के भूजल विभाग ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है, कि देशभर में जमीन के नीचे के पानी में यूरेनियम नाम का खतरनाक केमिकल मिल रहा है। सरकार ने पिछले साल यानी 2024 में देश के अलग-अलग इलाकों से करीब 15,000 पानी के सैंपल लिए थे।
इन सैंपल की जांच करने पर पता चला, कि हर 100 में से 13 से 15 सैंपल में यूरेनियम की मात्रा जरूरत से ज्यादा है। सबसे चिंता की बात यह है, कि दिल्ली इस लिस्ट में काफी ऊपर है। राजधानी के 86 जगहों पर जांच की गई और कई जगहों पर पानी सुरक्षित मानकों से ज्यादा खराब निकला। सोचिए, यह वही पानी है, जो हमारे घरों में आता है और हम रोज पीते हैं।
यूरेनियम क्या है और क्यों खतरनाक है?
अब सवाल उठता है, कि आखिर यह यूरेनियम है क्या चीज और इससे क्या नुकसान हो सकता है। यूरेनियम एक ऐसा तत्व है, जो रेडियोएक्टिव होता है यानी इससे हानिकारक किरणें निकलती हैं। जब आप ऐसा पानी पीते हैं, तो यह आपके शरीर के अंदर जमा होने लगता है। शुरू में तो कुछ पता नहीं चलता, लेकिन धीरे-धीरे यह किडनी को नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक ऐसा पानी पीने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है। छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी खतरनाक है क्योंकि उनका शरीर कमजोर होता है और जल्दी बीमार पड़ सकता है।
We wrote a letter to Delhi’s Hournable @gupta_rekha @LtGovDelhi @p_sahibsingh @IasKaushal about ground water contamination report of @CGWB_CHQ , Delhi’s ground water contaminated with Uranium, flouride, iron etc. Please public the drinking water quality Report of Delhi pic.twitter.com/bEEDy8cMeb
— Earth Warrior (@Earthworri1) November 28, 2025
उत्तर भारत में सबसे बुरा हाल-
सरकार की रिपोर्ट बताती है, कि उत्तर भारत के राज्यों में यह समस्या सबसे गंभीर है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भूजल में यूरेनियम की मात्रा बहुत ज्यादा मिली है। इसके तीन बड़े कारण हैं। पहली बात तो यह है, कि इन इलाकों की मिट्टी और पत्थरों में पहले से ही यूरेनियम मौजूद है। यह प्राकृतिक रूप से वहां है और पानी में घुल जाता है।
दूसरा बड़ा कारण यह है, कि हम जमीन से जरूरत से बहुत ज्यादा पानी निकाल रहे हैं। जब हम बोरिंग करके लगातार पानी खींचते हैं तो नीचे की गहरी परतों का पानी ऊपर आता है और वह पानी ज्यादा दूषित होता है। तीसरा कारण है, कि इन इलाकों में जमीन के नीचे पानी जमा होने वाली जगह की बनावट ऐसी है, कि यूरेनियम आसानी से घुल जाता है।
कितना खतरनाक पानी निकाला जाता है-
दिल्ली हर रोज जमीन के नीचे से 125 मिलियन गैलन पानी निकालती है। यह बहुत बड़ी मात्रा है और यह पानी शहर के लोगों के घरों में पीने के लिए भेजा जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह पानी सुरक्षित है? दिल्ली जल बोर्ड लगभग 5,000 ट्यूबवेल चलाता है जिनसे पानी निकाला जाता है।
एक पर्यावरण कार्यकर्ता पंकज कुमार ने जल बोर्ड को चिट्ठी लिखकर मांग की है, कि दिल्ली के हर नागरिक को यह जानने का हक है, कि उसके घर में कैसा पानी आ रहा है। उन्होंने कहा, कि सरकार को सभी ट्यूबवेल की ताजा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि लोगों को पता चले कि वे किस तरह का पानी पी रहे हैं।
ये भी पढ़ें- 10 मिनट की देरी ने ली सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान! बेंगलुरु में एम्बुलेंस फंसी..
नाइट्रेट और फ्लोराइड भी मिले हैं पानी में-
यूरेनियम ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी पता चला है, कि भूजल में नाइट्रेट और फ्लोराइड नाम के दो और खतरनाक केमिकल भी मिले हैं। नाइट्रेट ज्यादा होने से पेट की बीमारियां होती हैं और छोटे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। फ्लोराइड ज्यादा हो तो दांत और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसका मतलब है, कि हमारे पीने का पानी कई तरह से खतरनाक हो गया है और इस पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें- Airbus ने जारी किया अर्जेंट अलर्ट, भारत में 350 विमान ग्राउंड, सूरज की किरणें..



