Gujarat Minor Rape Case: गुजरात के कच्छ जिले के अंजार से सामने आई घटना ने इस भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग लड़की को उसके अपने ही माता-पिता ने कई दिनों तक घर में कैद रखा, उसके साथ मारपीट की और पिता पर बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है। घर वह जगह होती है, जहां हर बच्चा खुद को सबसे महफूज़ समझता है और मां-बाप वो लोग, जिन पर आंख मूंदकर भरोसा किया जाता है।
पुलिस अधिकारी ने बताया बेहद शर्मनाक-
पूर्वी कच्छ के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) मुकेश चौधरी ने 4 अक्टूबर को इस मामले की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने इसे एक “वाकई शर्मनाक घटना” बताया, जो हाल ही में अंजार पुलिस थाने के सामने आई। उनके मुताबिक, पीड़िता को कई दिनों तक उसके ही घर में बंद रखा गया और उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
#WATCH | Gujarat: Deputy Superintendent of Police (East Kutch) Mukesh Chaudhary says, "A truly shameful incident has recently come to light at the Anjar police station, wherein a minor victim was confined in her home for several days and subjected to physical assault by her own parents. In the presence of the victim’s mother, her father also repeatedly raped her over a period of several days. Based on the victim’s complaint, her parents have been arrested, and further investigation is underway." (04.10)
— ANI (@ANI) October 5, 2026
मां की मौजूदगी में दरिंदगी-
इस केस का सबसे दर्दनाक पहलू यह है, कि आरोप के मुताबिक पिता ने कई दिनों तक बेटी के साथ बार-बार दुष्कर्म किया और यह सब पीड़िता की मां की मौजूदगी में हुआ। यानी जिस मां से बच्ची को ढाल बनने की उम्मीद थी, वह भी इस अपराध के दौरान मौजूद रही। एक नाबालिग के लिए यह दोहरा सदमा है, क्योंकि उसने सिर्फ शारीरिक चोट ही नहीं झेली, बल्कि उस रिश्ते का टूटना भी देखा, जिस पर उसकी पूरी दुनिया टिकी थी।
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बच्ची की हिम्मत से खुला मामला-
तमाम डर और दबाव के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही अंजार पुलिस ने देर नहीं की और उसके माता-पिता दोनों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे मामलों में अक्सर बच्चे डर, शर्म या परिवार के दबाव में चुप रह जाते हैं, इसलिए इस बच्ची का आगे आना बाकी लोगों के लिए भी एक मिसाल है।
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फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। पीड़िता की मेडिकल जांच और दूसरी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं, जिससे आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके। यह भी याद रखना जरूरी है, कि अभी ये आरोप हैं और दोष साबित होने या न होने का फैसला अदालत की प्रक्रिया से ही तय होगा।



