New Rules for Speeding Fines: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाइवे पर ट्रैफ़िक संभालने के लिए AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) का ज़्यादा इस्तेमाल करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने E20 पेट्रोल की आलोचना पर भी जवाब दिया और इसे “पेड प्रोपेगैंडा” बताया। उन्होंने ये बातें CII (कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री) के एक कार्यक्रम में कहीं, जैसा कि इंडियन एक्सप्रेस ने बताया। आइए आसान भाषा में समझते हैं, कि उन्होंने क्या-क्या कहा।
स्पीड चालान पर क्या कहा?
गडकरी के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है, कि 120 किमी प्रति घंटा तक की रफ़्तार पर चालान या नोटिस न भेजे जाएँ। उन्होंने ये भी कहा कि 120 से ऊपर भी अगर कोई 20 प्रतिशत तक ज़्यादा रफ़्तार से चले, तो उसे छोड़ दिया जाए। इससे ज़्यादा रफ़्तार होने पर चालान काटा जाए।
उन्होंने कहा, कि कुछ लोगों को सड़क पर रफ़्तार की वजह से नोटिस मिल रहे हैं, इसीलिए उन्होंने ये निर्देश दिए हैं।
AI से कैसे सुधरेगा ट्रैफ़िक?
गडकरी ने उद्योग जगत से AI-आधारित एडवांस्ड ट्रैफ़िक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू करने में सहयोग माँगा। इससे लेन अनुशासन तोड़ने जैसे उल्लंघन पकड़ने और ट्रैफ़िक नियम लागू करने में मदद मिल सकती है।
E20 पेट्रोल विवाद पर क्या बोले?
गडकरी ने आलोचकों से अपने दावों का सबूत देने को कहा। उनके शब्दों का भाव ये था:-
- 2022 से अब तक 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया E20 पर चल रहे हैं।
- तीन महीने पहले एथेनॉल को लेकर बहुत हल्ला मचा था, अब सब शांत है।
- उन्होंने पूछा, कि क्या किसी की गाड़ी खराब हुई? और इसे “पूरी तरह पेड प्रोपेगैंडा” बताया।
E20 में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। कुछ वाहन चालकों ने पुरानी गाड़ियों पर इसके असर को लेकर चिंता जताई थी। भारत में 2023 से सभी नए पेट्रोल वाहनों के लिए E20 के अनुकूल होना ज़रूरी किया गया था, और अब ये देश भर के पेट्रोल पंपों पर आसानी से मिलता है।
E100 के नियम: हर पेट्रोल गाड़ी के लिए नहीं-
गडकरी के बयान से एक दिन पहले सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव किया, ताकि फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियाँ 100% एथेनॉल (E100) तक के ब्लेंड पर चल सकें।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं, कि हर पेट्रोल गाड़ी E100 पर चल सकती है। मंत्रालय के मुताबिक, E85 और E100 सिर्फ़ उन गाड़ियों में इस्तेमाल हो सकते हैं, जिन्हें कंपनियों (OEM) ने खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल के लिए बनाया हो। सामान्य पेट्रोल या E20 के लिए बनी गाड़ियां अपने आप इसके अनुकूल नहीं हैं। सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाने और विदेशी मुद्रा बचाने के तरीके के रूप में बढ़ावा दे रही है।
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हाइवे की क्वालिटी और सफ़र पर क्या कहा?
सोशल मीडिया पर हाइवे की हालत को लेकर आ रही शिकायतों पर गडकरी ने कहा, कि उन्होंने हाल ही में 700 से 800 प्रोजेक्ट की समीक्षा की है। उन्होंने कहा, कि वे हाइवे की क्वालिटी से समझौता नहीं करेंगे और अगले दो साल में लोगों को परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने बताया, कि दिल्ली-हरिद्वार का सफ़र प्रोजेक्ट खुलने के बाद करीब 90 मिनट में पूरा हो सकता है और उनके अनुमान से ये दो महीने के भीतर खुल सकता है। साथ ही उन्होंने कहा, कि चारधाम प्रोजेक्ट का 80-85% काम पूरा हो चुका है और उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर ट्रैफ़िक तीन गुना बढ़ा है।
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