Neha Bora: राजधानी दिल्ली में रविवार को माहौल उस वक्त गरमा गया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन और तेज़ हो गया। प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच कई जगह झड़प भी देखने को मिली। इसी बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने एक बड़ा आरोप लगाया। संगठन का कहना है, कि पुलिस ने ऐसी गाड़ी में उसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया, जो देखने में प्राइवेट लग रही थी।
AISA के आरोप न नंबर प्लेट, न महिला पुलिसकर्मी-
AISA के मुताबिक नेहा बोरा को बिना आधिकारिक नंबर प्लेट वाली गाड़ी में बैठाकर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया। संगठन ने यह भी दावा किया कि जब नेहा को ले जाया गया, तब गाड़ी के अंदर एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। AISA ने इसे तय प्रक्रिया का सीधा उल्लंघन बताया। बाद में नेहा को नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में छोड़ा गया। संगठन का आरोप है कि रिहाई के वक्त उनका फोन और बैग भी उनके पास नहीं था। हालात को देखते हुए वकीलों की एक टीम थाने भेजी गई, ताकि नेहा को कानूनी मदद मिल सके।
BREAKING: AISA chief Neha Bora was released from Narela Industrial Area police station late Sunday evening. Student groups alleged she was earlier hauled away in an unmarked car without female cops, leaving her phone and bag behind. https://t.co/Jc0yRtI2AB
— HINT News (@9415st) October 4, 2026
पुलिस ने क्या कहा-
दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। DCP सचिन शर्मा ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि नेहा बोरा को सरकारी वाहन में हिरासत में लिया गया था और पीछे दो महिला स्टाफ भी मौजूद थीं। उन्होंने यह भी कहा कि नेहा को बाद में छोड़ दिया गया। यानी एक तरफ AISA प्रक्रिया तोड़ने की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस पूरे नियम-कायदे से कार्रवाई का दावा कर रही है।
बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश, 5000 जवान तैनात-
रविवार को प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन जंतर मंतर लौटने की कोशिश कर रहे थे। इंडिया गेट से जंतर मंतर तक दो प्रदर्शन मार्च की आशंका को देखते हुए पुलिस ने करीब 5,000 जवान तैनात किए थे, जिनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दूसरे अर्धसैनिक बल भी शामिल थे। अशोका रोड पर आंध्र भवन सर्किल से भीड़ नारे लगाते हुए आगे बढ़ी। जब पुलिस ने बैरिकेड पार करने से रोका, तो दोनों पक्षों में थोड़ी देर के लिए धक्का-मुक्की हो गई। मार्च के वीडियो में नेहा बोरा बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करती दिखीं, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें रोकते नज़र आए।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज भी हिरासत में-
पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया, जिनमें दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी शामिल थे। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक वे CEC के खिलाफ प्रदर्शन के लिए इंडिया गेट की तरफ बढ़ रहे थे। भारद्वाज ने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें फुटबॉल की तरह उठाकर फेंका जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नेताओं और पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव हो सकता है, तो आम जनता के साथ क्या होता होगा। उन्होंने लोगों से इंडिया गेट पहुंचकर अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील भी की।
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सिर्फ दिल्ली नहीं, कई शहरों में गूंज-
यह प्रदर्शन अकेले दिल्ली तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग के कामकाज में कथित गड़बड़ियों, SIR प्रक्रिया और बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम कटने के आरोपों को लेकर कई शहरों में आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गंभीर खामियां हैं, जिनसे आम नागरिक का वोट देने का अधिकार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल नेहा बोरा की हिरासत को लेकर AISA और दिल्ली पुलिस के बयान आमने-सामने हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गर्मी बढ़ने के आसार हैं।
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