Gaming Addiction: गाजियाबाद में बुधवार तड़के एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एक हाई-राइज़ बिल्डिंग में रहने वाली 16, 14 और 12 साल की तीन बहनों ने अपनी जान गंवा दी। पुलिस की जांच में सामने आया, कि ये तीनों एक ऑनलाइन कोरियन गेम की इतनी आदी हो चुकी थीं, कि उन्होंने खुद को कोरियन प्रिंसेस मानना शुरू कर दिया था।
यह सिर्फ एक दुखद घटना नहीं, बल्कि हर सभी माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है। आज के डिजिटल युग में हमारे बच्चे किस हद तक वर्चुअल वर्ल्ड में खो रहे हैं, यह समझना बेहद जरूरी हो गया है।
परिवार ने दिए थे संकेत-
हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, पुलिस अधिकारी अतुल कुमार सिंह का कहना है, कि तीनों बच्चियां अपने पिता, जो एक फोरैक्स ट्रेडर हैं और अपनी दो मांओं के साथ रहती थीं। बड़ी बेटी पहली पत्नी से थी, जबकि दोनों छोटी बहनें दूसरी पत्नी से। परिवार वालों को इनकी गेमिंग की लत के बारे में पता था और वे कई बार मोबाइल भी छीन चुके थे, लेकिन बच्चियां किसी न किसी तरह फोन वापस ले लेती थीं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है, कि 16 साल की बच्ची अभी भी क्लास 4 में पढ़ रही थी। पढ़ाई में ध्यान न देना, गेमिंग की लत के संकेत थे। तीनों बहनें हर काम साथ करती थीं, यहां तक कि बाथरुम भी साथ जाती थीं। उनकी डायरी में उनके लाइफस्टाइल और गेम को लेकर उनके ऑब्सेशन की कई जानकारियां मिली हैं।
COVID के बाद बढ़ी लत की समस्या-
पुलिस का कहना है, कि COVID-19 पैंडेमिक के बाद यह स्थिति और गंभीर हो गई। Lockdown के दौरान बच्चों के पास मोबाइल और इंटरनेट का एक्सेस था, जिसने इस एडिक्शन को और बढ़ावा दिया। यह एक टास्क- बेस्ड ऑनलाइन गेम थी, जिसने इन बच्चियों को इतना प्रभावित किया, कि उन्होंने अपनी असली पहचान ही भूला दी।
बच्चियों ने अपनी डायरी में सौरी लिखा था और रोते हुए चेहरे भी बनाए थे। उन्हें लगता था, कि वह इंडियन नहीं बल्कि कोरियन हैं। इससे पता चलता है, कि गेमिंग की लत सिर्फ टाइम वेस्ट नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है।
माता-पिता के लिए जरूरी सबक-
यह घटना हर माता-पिता के लिए एक वेक-अप कॉल है। अगर आपका बच्चा:-
- पढ़ाई में ध्यान नहीं दे रहा
- हमेशा मोबाइल पर लगा रहता है
- असली और नकली दुनिया में फर्क नहीं कर पा रहा
- सोशल एक्टिविटी से दूर हो रहा है
तो यह समय है सतर्क होने का। बच्चों के साथ खुलकर बात करें, उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी को मॉनिटर करें और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट्स से सलाह लें।
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मदद के लिए संपर्क करें-
याद रखें, कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं, कि उसका समाधान न हो। अगर आप या आपका कोई परिचित मेंटल इश्यू से जूझ रहा है, तो हेल्पाइन नंबर पर संपर्क करें:-
- Sumaitri (Delhi): 011-23389090
- Sneha Foundation (Chennai): 044-24640050
आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल सिखाना, न कि पूरी तरह बैन करें। बैलेंस ही असली इलाज है।
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