eParikshan App
    Photo Source - Google

    eParikshan App: गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। सेंट्रल रेंज ने eParikshan नाम का मोबाइल एप्लिकेशन शुरू किया है, जिसके जरिए गणतंत्र दिवस परेड रूट के साथ और आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर लोगों और निवासियों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने बताया, कि इस पहल का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्र में घरों की पूरी और सटीक जनगणना सुनिश्चित करना है, जिसमें सभी निवासियों, किरायेदारों, घरेलू कामगारों और कर्मचारियों का वेरिफिकेशन शामिल है। वर्मा ने कहा, कि हमारा प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है, कि परेड रूट के आसपास रहने या काम करने वाले हर व्यक्ति का सही तरीके से हिसाब रखा जाए और उसे वेरिफाई किया जाए। यह हमारी प्रिवेंटिव सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को काफी मजबूत बनाता है।

    स्वतंत्रता दिवस पर भी मिले थे बेहतरीन नतीजे-

    उन्होंने बताया कि इसी तरह का एक अभियान स्वतंत्रता दिवस के दौरान उत्तर दिल्ली के कुछ हिस्सों में चलाया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। वर्मा ने कहा कि पहले अभियान के दौरान हमने कैरेक्टर और एंटीसीडेंट वेरिफिकेशन में उल्लेखनीय सुधार देखा था। उस अनुभव ने हमें इस पहल को और अधिक स्ट्रक्चर्ड और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन तरीके से बढ़ाने में मदद की है।

    पुलिस के मुताबिक eParikshan मोबाइल एप्लिकेशन रियल-टाइम डेटा कलेक्शन, तेज वेरिफिकेशन और पुलिस कर्मियों के बीच सहज समन्वय को सक्षम बनाता है। वर्मा ने कहा कि यह एप स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह हमारे बीट ऑफिसर्स को ऑफलाइन मोड में भी काम करने की सुविधा देता है, जिससे फील्ड ऑपरेशंस में कोई रुकावट नहीं आती।

    GPS से लेकर डिजिटल रिकॉर्ड तक ये हैं खास फीचर्स-

    यह एप्लिकेशन कई खास फीचर्स से लैस है जैसे GPS-बेस्ड लोकेशन टैगिंग, रियल-टाइम फोटो कैप्चर, यूनीक प्रिमाइसेस आइडेंटिफिकेशन नंबर, ट्रांसपेरेंट एडिट हिस्ट्री, डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट और रिपोर्ट जेनरेशन मॉड्यूल्स। पुलिस के अनुसार यह एप पहले से ही पूरी सेंट्रल रेंज में लागू हो चुका है।

    नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट से 23,000 से अधिक किरायेदारों और नौकरों के रिकॉर्ड और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट से 10,000 से अधिक रिकॉर्ड डिजिटाइज किए जा चुके हैं और इन्हें देशभर के पुलिस अधिकारियों के साथ शेयर किया गया है। वर्मा ने कहा कि इस बड़े पैमाने पर डिजिटाइजेशन ने हमारी बड़ी सार्वजनिक इवेंट्स के लिए तैयारी को मजबूत किया है और संभावित सुरक्षा खतरों को कम किया है।

    ये भी पढ़ें- Delhi वालों को राहत! इस रूट पर बनेगा नया फ्लाईओवर, अब मिनटों में तय होगा घंटों का सफर

    किन डिटेल्स का हो रहा है वेरिफिकेशन-

    पुलिस ने बताया, कि वेरिफिकेशन के दौरान प्रिमाइसेस आइडेंटिफिकेशन नंबर, नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पूरा पता, प्रिमाइसेस टाइप, यूजर टाइप, एम्प्लॉयमेंट डिटेल्स, फोटोग्राफ और रिमार्क्स जैसी जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जा रही है। यह पूरा सिस्टम न सिर्फ पारदर्शी है, बल्कि पुलिस के काम को भी तेज और सटीक बनाता है। इस तरह की टेक्नोलॉजी-आधारित पहल से गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में नई मजबूती आई है।

    ये भी पढ़ें- दिल्ली में होम लोन होंगे सस्ते, सरकार ने शुरु की नई पहल

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।