Inderjit Singh Sidhu
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    Inderjit Singh Sidhu: चंडीगढ़ में एक 88 वर्षीय बुजुर्ग हर सुबह झाड़ू लेकर निकलते हैं और अपने इलाके की सड़कें साफ करते हैं। ये कोई सफाई कर्मचारी नहीं, बल्कि रिटायर्ड IPS अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू हैं, जिन्होंने पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने आसपास के इलाके को स्वच्छ रखने का बीड़ा उठाया हुआ है। उनकी इस निस्वार्थ सेवा को अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म श्री से नवाजा जाएगा।

    वीडियो वायरल-

    पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सिद्धू पिछले साल तब सुर्खियों में आए, जब उनके सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा उठाते हुए वीडियो वायरल हुए। सेक्टर 49 चंडीगढ़ में IAS और IPS अधिकारियों की सोसाइटी में रहने वाले सिद्धू अपना पूरा दिन अपनी सोसाइटी और आसपास के इलाकों की सफाई में बिताते हैं।

    पुलिस सेवा से स्वच्छता सेवा तक का सफर-

    सिद्धू को 1963 में पंजाब लोक सेवा आयोग के माध्यम से इंस्पेक्टर के रूप में भर्ती किया गया था और 1981 में उन्हें IPS में प्रमोट किया गया। पंजाब में आतंकवाद के चरम दौर में 1986 में वे अमृतसर में सिटी SP के पद पर तैनात थे। बाद में उन्होंने चंडीगढ़ में DIG, CID के रूप में सेवा की और 31 दिसंबर 1996 को रिटायर हुए। उनकी पत्नी दविंदर पाल कौर का 2023 में निधन हो गया। उनका बेटा अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहता है, जबकि बेटी मोहाली में रहती हैं।

    पिछले साल उनका एक वीडियो वायरल होने के बाद सिद्धू ने बताया था, कि चंडीगढ़ सबसे खूबसूरत शहर है और जवाहरलाल नेहरू, प्रताप सिंह कैरों और मोहिंदर सिंह रंधावा ने इसके विकास में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन यह देखकर दुख होता है, कि यहां की शिक्षित आबादी कैसे शहर को गंदा कर रही है। लोग बड़ी महंगी गाड़ियों से सड़कों पर कचरा फेंकते हैं, जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।

    प्रेरणा का स्रोत और मिशन-

    सिद्धू ने कहा था, कि हर सुबह सड़कों पर कूड़ा देखकर उन्हें तकलीफ होती थी, खासकर जब बच्चे और सैर करने वाले लोग आसपास होते थे। दूसरों को दोष देने के बजाय उन्होंने खुद जिम्मेदारी ली। एक पूर्व पुलिस अधिकारी के रूप में जिन्होंने कभी कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए लड़ाई लड़ी थी, अब वे उसी समर्पण के साथ गंदगी से लड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, कि वे तारीफ नहीं चाहते, बल्कि यह इसलिए करते हैं, क्योंकि एक स्वच्छ शहर स्वच्छ दिमाग को प्रेरित करता है। जब तक वे सक्षम हैं, वे अपना काम करते रहेंगे, जिससे दूसरे लोग प्रेरित हों या शर्मिंदा होकर कार्रवाई करें।

    स्वच्छता अभियान की प्रेरणा उन्हें अपनी सार्वजनिक सेवा के वर्षों और अमेरिका में अपने बेटे से मिलने से मिली। सिद्धू मोबाइल फोन नहीं रखते और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने से बचते हैं। जब उनका वीडियो वायरल हुआ, तो वे चंडीगढ़ छोड़कर अपनी बेटी के पास चले गए थे।

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    सोशल मीडिया से सम्मान तक-

    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील गौरव गोयल ने सिद्धू का वीडियो शूट करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। गोयल ने कहा, कि सिद्धू के स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी, लेकिन सब कुछ एक कारण से होता है और अब उन्हें मिलने वाला यह सम्मान सभी के लिए प्रेरणादायक होगा। पिछले साल 15 अगस्त को राज्यपाल द्वारा उन्हें एक पुरस्कार की घोषणा की गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अचानक मिले ध्यान से घबराकर सिद्धू उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। अब पद्म श्री जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से उनकी सेवा को राष्ट्रीय मान्यता मिलना हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो समाज के लिए कुछ करना चाहता है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।