Delhi Government
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    Delhi Government: दिल्ली सरकार ने अपने अधिकारियों को साफ़ निर्देश दिया है, कि जनता की शिकायतों का निपटारा तय समय के भीतर और ठीक ढंग से होना चाहिए। एक सर्कुलर में चेतावनी दी गई है, कि शिकायतों में देरी या घटिया जवाब के लिए अब विभागों के प्रमुखों को ज़िम्मेदार माना जाएगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं, कि आदेश में क्या कहा गया है।

    किसने जारी किया आदेश और क्यों?

    ये सर्कुलर 16 अक्टूबर को सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार सिंह ने जारी किया। इसमें शिकायतों पर नज़र रखने के लिए कई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का ज़िक्र है:

    • CPGRAMS (केंद्रीय लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली)
    • LG लिस्टिंग
    • PGMS (लोक शिकायत निगरानी प्रणाली)
    • शिकायत दर्ज करने के दूसरे प्लेटफ़ॉर्म

    ये निर्देश मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक के बाद आए हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने इस बात पर चिंता जताई, कि बहुत सी शिकायतें लंबित पड़ी हैं और कई मामलों में निपटारे की तय समय-सीमा भी निकल चुकी है। सर्कुलर के मुताबिक जिन विभागों में शिकायतें समय पर नहीं निपटाई जाएंगी, वहां के अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

    अधिकारियों को क्या करना होगा?

    सभी शाखा और सेक्शन प्रभारियों से कहा गया है, कि वे शिकायतों पर बारीकी से नज़र रखें और तय समय में उनका निपटारा करें।

    • जिन शिकायतों की समय-सीमा निकल चुकी है, उन्हें प्राथमिकता से लिया जाए।
    • लंबित मामलों पर नियमित नज़र रखी जाए, ताकि और देरी न हो।
    • CM जनसुनवाई कार्यक्रम की शिकायतों और पुरानी अनसुलझी शिकायतों पर ख़ास ध्यान दिया जाए।

    सिर्फ़ जवाब भेज देना काफ़ी नहीं-

    आदेश में जवाब की गुणवत्ता पर भी ज़ोर दिया गया है। इसमें साफ़ कहा गया है, कि सिर्फ़ जवाब भेज देने को संतोषजनक नहीं माना जाएगा। हर शिकायत को उसके तथ्यों के आधार पर जांचना होगा, और अधिकारियों को साफ़, ठोस और तर्क के साथ जवाब देना होगा। साथ ही ये भी पक्का करना होगा कि ज़रूरी कार्रवाई सच में हो गई है।

    अधिकारियों को ये भी चेतावनी दी गई है, कि शिकायतों को बिना सही और संतोषजनक जवाब के यूं ही बंद न करें।

    शिकायत दूसरे विभाग को भेजने के नियम-

    अब कोई भी शिकायत विभाग प्रमुख की पहले से मंज़ूरी के बिना किसी दूसरे विभाग या अधिकारी को नहीं भेजी जा सकेगी। अगर शिकायत आगे भेजनी है, तो प्रस्ताव में इसका कारण साफ़ लिखना होगा और ये भी बताना होगा कि जिस अधिकारी को भेजी जा रही है, उसका अधिकार क्षेत्र वाकई उस मामले पर बनता है। इससे शिकायतों को एक टेबल से दूसरी टेबल घुमाते रहने की आदत पर रोक लगेगी।

    हर शुक्रवार होगी समीक्षा-

    • हर शुक्रवार को शिकायतों की समीक्षा होगी, जिसमें लंबित और समय-सीमा पार कर चुके मामले, कुल लंबित शिकायतें और निपटारे की गुणवत्ता देखी जाएगी।
    • शाखा और सेक्शन प्रभारियों को सभी प्लेटफ़ॉर्म का इकट्ठा आंकड़ा तैयार करना होगा, जिसमें मिली, निपटाई गई, लंबित और समय-सीमा पार कर चुकी शिकायतों की संख्या हो।
    • आंकड़ों में ये भी बताना होगा कि शिकायत कितने दिन से लंबित है और हर मामले में क्या कार्रवाई हुई।

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    किसकी होगी ज़िम्मेदारी?

    नियमों का पालन कराना और शिकायतें निपटाने वाले कर्मचारियों के काम पर नज़र रखना शाखा और सेक्शन प्रभारियों की ज़िम्मेदारी होगी। सर्कुलर में कहा गया है, कि बेवजह की देरी, बार-बार शिकायतों का लंबित रहना और जवाब की खराब गुणवत्ता को गंभीरता से लिया जाएगा।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।