Black Magic Law: नासिक के तथाकथित धर्मगुरु अशोक खरात का नाम जब सुर्खियों में आया, तब महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने कहा, “हमने तो पहले ही आगाह किया था।” 2022 में जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खरात के मंदिर पहुंचे थे, तब समिति ने इसका विरोध किया था और चेतावनी दी थी, कि इस तरह का समर्थन अंधविश्वास को वैध बना सकता है। तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर द्वारा स्थापित यह संगठन दशकों से महाराष्ट्र में काले जादू और शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ लड़ रहा है।
खरात कांड के बाद हेल्पलाइन पर टूट पड़े लोग-
अशोक खरात का मामला सामने आते ही समिति की हेल्पलाइन पर शिकायतों की बाढ़ आ गई। लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है, कि राज्य सरकार का सहयोग काफी कम है। समिति अब सरकार से 2013 के काला जादू विरोधी कानून के विस्तृत नियम जल्द बनाने की मांग कर रही है। यह कानून 2013 में बना था, लेकिन इसके संचालन संबंधी दिशा-निर्देश आज भी तैयार नहीं हैं, जिससे पुलिस अक्सर असमंजस में रहती है, कि कैसे कार्रवाई करे।
नरेंद्र दाभोलकर की शहादत के 4 दिन बाद बना था यह कानून-
महाराष्ट्र 2013 में काला जादू विरोधी कानून लाने वाले पहले राज्यों में से एक था। यह कानून तब पास हुआ, जब तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर को दिनदहाड़े कथित दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने गोली मार दी थी। इस कानून में मानव बलिदान, काले जादू की रस्मों और अलौकिक इलाज के दावों को अपराध माना गया है। दोषियों को 6 महीने से 7 साल की जेल और 5,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। समिति के अनुसार, कानून लागू होने के बाद से अब तक 1,500 से ज़्यादा मामले दर्ज हुए हैं।
परिवारों को तोड़ता है यह खेल-
हमीद दाभोलकर ने बताया, कि पहले शिकायतें ज़्यादातर गांवों से आती थीं, लेकिन अब शहरी इलाकों में भी यह समस्या बढ़ रही है। राहुल थोरात जो समिति की सांगली इकाई में काम करते हैं, उन्होंने बताया, कि कई मामलों में कथित धर्मगुरु परिवार के किसी सदस्य को काले जादू का दोषी बताकर घर तोड़ देते हैं। अक्सर सास, ननद या बहू को निशाना बनाया जाता है। पालघर के एक मामले में एक बुज़ुर्ग को “डायन” कहकर आग पर चलने पर मजबूर किया गया, समिति की टीम ने दखल देकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया और FIR दर्ज करवाई।
ये भी पढ़ें- दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत की तैयारी, 46 किमी तक बनेंगे फ्लाईओवर, जानिए रुट समेत पूरी डिटेल
YouTube बना हथियार-
अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने बताया, कि पुलिस का सहयोग पिछले 8-9 साल में काफी घट गया है। उन्होंने YouTube का सहारा लिया जहां उनके 5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर और 2,000 से ज़्यादा वीडियो हैं। उन्होंने कहा, “44 साल के करियर में मैंने महाराष्ट्र में प्रशासन का इतना असहयोग कभी नहीं देखा।”
ये भी पढ़ें- गुरुग्राम में स्कूल प्रिंसिपल ने किया बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, नकली CBSE मान्यता दिखाकर छात्रों को ठगा



