Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम Ajit Pawar के विमान हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है, कि क्या यह हादसा विमान की तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर इसके पीछे कोई और कारण था। जिस Lear Jet 45 XR विमान से अजीत पवार मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे, उसकी कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है और इसे आमतौर पर एक सुरक्षित एयरक्राफ्ट माना जाता है।
हालांकि, हैरानी की बात यह है, कि सितंबर 2023 में इसी कंपनी वीएसआर एविएशन के इसी मॉडल का एक विमान मुंबई एयरपोर्ट पर क्रैश हो चुका है। उस समय भी मौसम खराब था, बारिश हो रही थी और लो विजिबिलिटी के कारण लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया था।
बारामती एयरपोर्ट की सुविधाओं पर सवाल-
इस हादसे के बाद बारामती एयरपोर्ट की लैंडिंग सुविधाओं को लेकर भी बहस तेज हो गई है। अब सवाल उठ रहा है, कि अगर यहां आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और कंप्यूटराइज्ड फैसिलिटीज होतीं, तो क्या यह हादसा टल सकता था?
एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है, कि खराब विजिबिलिटी में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम पायलट को सही दिशा और ऊंचाई का संकेत देता है। बारामती एयरपोर्ट पर ऐसी सुविधाओं की कमी बताई जा रही है, जिसके चलते पायलट को विजुअल लैंडिंग करनी पड़ी।
More visuals from the site of the plane crash accident in Baramati of Maharashtra where Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar along with four others were killed. pic.twitter.com/Z7rqfZjcDv
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 28, 2026
टेकऑफ से पहले सब कुछ था सामान्य-
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले विमान की ग्राउंड इंजीनियरिंग रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी। ATC से क्लियरेंस मिला था, इंजन और अन्य तकनीकी सिस्टम्स में कोई खराबी दर्ज नहीं की गई थी। टेकऑफ और शुरुआती उड़ान के दौरान भी किसी तरह की टर्बुलेंस या इमरजेंसी की सूचना नहीं थी।
Life is Unpredictable!!
Few days ago
Ajit Pawar: “I was accused of ₹70,000 cr scam. Now, am sharing power with same people who accused me.”Today his plane crashed
Eyewitness:
“There was a MASSIVE EXPLOSION,we rushed and saw aircraft on fire, again 4-5 explosion occurred.” pic.twitter.com/fiHIWSI7Hl— D (@Deb_livnletliv) January 28, 2026
लैंडिंग के वक्त बिगड़ी स्थिति-
फ्लाइट रडार डेटा के अनुसार, बारामती पहुंचने पर पायलट ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाए और गो-अराउंड किया गया। दूसरी बार जब विमान ने डिसेंड करना शुरू किया, तो आईविटनेसिज़ का कहना है, कि लगभग 2600 फीट की ऊंचाई पर ही विमान हवा में लड़खड़ाने लगा।
ऐसा कहा जा रहा है, कि रनवे की बजाय विमान बगल के कच्चे इलाके में उतर गया, जिसके बाद तेज धमाके हुए और विमान में आग लग गई।
पायलट एरर या मौसम की मार?
एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन कबीर मलिक के मुताबिक, Lear Jet अपने आप में एक सुरक्षित और भरोसेमंद एयरक्राफ्ट है। उनका मानना है, कि इस मामले में इंजन या मैकेनिकल फेल्योर की संभावना कम है, क्योंकि पायलट ने पहले गो-अराउंड किया था और किसी तकनीकी समस्या की सूचना ATC को नहीं दी गई थी।
उनके अनुसार, खराब मौसम, कम विजिबिलिटी और विजुअल लैंडिंग के दौरान अनस्टेबल अप्रोच इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। अगर पहली कोशिश में लैंडिंग संभव नहीं थी, तो वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतरने या मौसम साफ होने का इंतजार किया जा सकता था।
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जांच के बाद ही आएगा सच सामने-
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच DGCA और अन्य संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर से मिलने वाले डेटा के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा, कि हादसा पायलट की गलती से हुआ, मौसम की वजह से या फिर किसी और कारण से।
Ajit Pawar Plane Crash सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि छोटे एयरपोर्ट्स की सुविधाओं, पायलट निर्णय और मौसम से जुड़ी चुनौतियों पर बड़ा सवाल है। अब सच जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा, लेकिन यह घटना विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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