Nora Fatehi: बॉलीवुड में विवाद नए नहीं हैं, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग और गंभीर है। नोरा फतेही के खिलाफ दस वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर, उनका वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें भारत से बाहर भेजने की मांग कर दी है और यह पत्र सिर्फ एक मंत्रालय तक नहीं रुका। इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी भेजा गया। यानी एक गाने ने पांच सरकारी दरवाज़े एक साथ खटखटाए।
कौन सा गाना है विवाद की जड़?
यह पूरा बवाल संजय दत्त और नोरा फतेही की फिल्म KD: द डेविल के गाने “सरके चुनर तेरी सरके” से शुरू हुआ जो 14 मार्च को यूट्यूब पर आया। गाने के बोल जैसे “पहले उठाले, अंदर वो डाले”, इनके दोहरे अर्थ और भड़काऊ लहजे को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से ही काफी आलोचना हो रही थी। वकीलों ने अपने पत्र में कहा, कि यह गाना सार्वजनिक नैतिकता, महिलाओं की गरिमा और समाज की भावनाओं के खिलाफ है और बच्चों तथा युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
कानून का हवाला देकर की गई मांग-
वकीलों ने अपनी मांग को मज़बूत करने के लिए कई कानूनी धाराओं का सहारा लिया। विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत उन्होंने तर्क दिया, कि सरकार किसी भी विदेशी नागरिक के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, अगर उनका आचरण सार्वजनिक शालीनता के लिए हानिकारक हो। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं, अश्लील प्रतिनिधित्व निषेध अधिनियम 1986 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67 का भी हवाला दिया गया।
नोरा ने दी सफाई, वकीलों ने नहीं मानी-
जब विवाद बढ़ा तो नोरा फतेही ने एक वीडियो के ज़रिए सफाई दी। उन्होंने कहा, कि उन्होंने तीन साल पहले इस गाने का कन्नड़ संस्करण रिकॉर्ड किया था और हिंदी वाला गाना बाद में उनकी भागीदारी के बिना बनाया गया। लेकिन वकीलों ने इस सफाई को “स्वार्थी बहानेबाज़ी” बताते हुए खारिज कर दिया।
उनका तर्क था, कि कोई भी व्यक्ति किसी काम से मिलने वाली शोहरत और पैसा तो ले, लेकिन ज़िम्मेदारी से मुंह फेर ले, यह कानूनी और नैतिक दोनों नज़रिए से स्वीकार्य नहीं है। यहां तक, कि अगर गाने के बोल किसी AI टूल से लिखे गए हों, तब भी जो लोग उसे मंज़ूरी देते हैं, उसमें काम करते हैं और उसे फैलाते हैं, उनकी ज़िम्मेदारी खत्म नहीं होती।
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अभी कोई कार्रवाई नहीं, पर बहस शुरू हो गई-
फिलहाल किसी भी मंत्रालय की तरफ से कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है, कि मनोरंजन के नाम पर कहां तक जाया जा सकता है, एक विदेशी कलाकार की ज़िम्मेदारी क्या है?
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