Paralysis From Rasgulla: हैदराबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। 35 साल के एक व्यक्ति को सिर्फ 5-6 रसगुल्ले खाने के बाद अचानक लकवे जैसे लक्षण महसूस हुए। पहले तो इसे फूड पॉइजनिंग समझा गया, लेकिन जांच में पता चला, कि मिठाई पूरी तरह ताजा और साफ-सुथरी थी। असली कारण कुछ और ही निकला, जो हमारी रोजमर्रा की खानपान की आदतों से जुड़ा है। इस केस को Dr Sudhir Kumar, जो हैदराबाद के Apollo Hospitals में न्यूरोलॉजिस्ट हैं, ने साझा किया।
अचानक हाथ-पैर ने दिया जवाब-
डॉक्टर के अनुसार, रसगुल्ले खाने के कुछ ही समय बाद व्यक्ति के चारों हाथ-पैरों में कमजोरी आ गई। हालत इतनी गंभीर थी, कि वह चलने-फिरने तक में असमर्थ हो गया। हैरानी की बात यह रही, कि यह पहली बार नहीं था, पिछले 6 महीनों में उसके साथ ऐसा तीन बार हो चुका था। हालांकि इन अटैक के दौरान उसे न तो सुन्नपन हुआ और न ही बोलने या निगलने में कोई दिक्कत आई और हर बार कुछ समय बाद वह पूरी तरह ठीक भी हो गया।
असली वजह-
जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया, कि यह मामला Hypokalemic Periodic Paralysis (HPP) का है। यह एक दुर्लभ लेकिन इलाज योग्य स्थिति है, जिसमें अचानक मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। दरअसल, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने से शरीर में इंसुलिन तेजी से बढ़ता है। यह इंसुलिन खून में मौजूद पोटैशियम को कोशिकाओं के अंदर खींच लेता है, जिससे खून में पोटैशियम का स्तर अचानक गिर जाता है और लकवा जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
थायरॉयड से भी जुड़ा है मामला-
इस केस में आगे की जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। मरीज में Hyperthyroidism के लक्षण भी पाए गए, जैसे तेज दिल की धड़कन, आंखों का उभरना और गर्दन में सूजन। टेस्ट में T3 और T4 हार्मोन का स्तर बढ़ा हुआ मिला, जिससे साफ हुआ, कि यह “थायरोटॉक्सिक हाइपोकैलेमिक पीरियोडिक पैरालिसिस” का मामला है। यानी थायरॉयड की समस्या इस बीमारी को ट्रिगर कर रही थी।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा केस-
डॉक्टर ने बताया, कि इससे पहले भी एक 33 वर्षीय व्यक्ति के साथ ऐसा ही हुआ था, जिसे जलेबी-रबड़ी खाने के बाद बार-बार कमजोरी के अटैक आते थे। शुरुआत में इसे भी आम फूड इश्यू समझा गया, लेकिन बाद में वही बीमारी सामने आई। इससे साफ है, कि यह समस्या अक्सर नजरअंदाज हो जाती है और लोग इसे सामान्य मानकर छोड़ देते हैं।
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सावधानी और इलाज है जरूरी-
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी को भारी भोजन, खासकर मीठा खाने के बाद अचानक कमजोरी महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। समय पर पोटैशियम की जांच और थायरॉयड टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है, कि सही इलाज और समय पर पहचान होने पर मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है और फिर से अपनी पसंदीदा मिठाइयों का मजा भी ले सकता है।
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