Kedarnath New Rules: चारधाम यात्रा की शुरुआत के बाद बुधवार को आखिरकार वह पावन क्षण आया, जिसका लाखों श्रद्धालु महीनों से इंतज़ार कर रहे थे। केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा। छह महीने की शीतकालीन विश्राम के बाद बाबा केदार ने अपने द्वार भक्तों के लिए फिर खोल दिए। हज़ारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, भले ही मंदिर का पूरा क्षेत्र ताज़ी बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ था और तापमान ज़ीरो के करीब था।
बर्फ में भी भक्तों का उत्साह रहा अटूट-
इस साल मार्च और अप्रैल में भी भारी बर्फबारी हुई जिससे पूरा केदारनाथ नगरी सफेद हो गई। लेकिन बाबा के दर्शन की चाहत किसी भी मौसम से बड़ी होती है, यह बात इस साल भी साबित हुई। रुद्रप्रयाग के ज़िलाधिकारी विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं को सावधान रहने की अपील करते हुए कहा, कि बर्फ देखने के उत्साह में किसी भी असुरक्षित रास्ते पर न जाएं। प्रशासन ने भारी ऊनी कपड़े साथ लेकर चलने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
मंदिर परिसर में क्या क्या है बैन-
इस साल केदारनाथ में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा और ड्रोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया, कि मंदिर के आँगन में रील बनाना या वीडियोग्राफी करना मना है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना सख्त मना है और अब तक दो अनधिकृत ड्रोन के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जो श्रद्धालु अपने डिवाइस सुरक्षित रखना चाहते हैं उनके लिए मंदिर प्रशासन ने मोबाइल काउंटर और लॉकर सिस्टम की व्यवस्था की है।
ये भी पढ़ें- अब 15,000 तक के पेमेंट के लिए नहीं होगी OTP की ज़रूरत? जानें RBI के नए नियम
आने वाले दिनों में और भीड़-
प्रशासन को आने वाले दिनों में और भारी भीड़ की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे केदारनाथ धाम में प्रबंधन के इंतज़ाम मज़बूत किए गए हैं। बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील है, कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, सुरक्षित रास्तों से ही यात्रा करें और धाम की पवित्रता बनाए रखने में सहयोग दें।
ये भी पढ़ें- क्या भारत में होगा 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग? जानिए क्या कहा नितिन गडकरी ने



