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    Viral Video: X पर एक भारतीय छात्र का वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। उसने दावा किया, कि यूरोपीय संघ उसे हर महीने 1,400 यूरो यानी करीब ₹1.5 लाख देता है। उसने बताया, कि इन पैसों से उसका किराया, यात्रा और खाना सब हो जाता है और ऊपर से करीब 600 यूरो यानी ₹64,000 हर महीने बचत भी होती है। साथ ही कोई स्टूडेंट लोन नहीं और यह सब पाने के लिए बस तीन चीज़ें चाहिए, स्नातक की डिग्री, वैध पासपोर्ट और अंग्रेज़ी की जानकारी। IELTS भी हमेशा ज़रूरी नहीं।

    यूरोप में भड़का गुस्सा-

    इस वीडियो पर यूरोपीय उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। एक ने लिख, “यूरोप भारतीयों को हर महीने 1,400 यूरो ‘पढ़ाई’ के लिए दे रहा है, जबकि हमारे अपने छात्र किराया नहीं दे पा रहे और कर्ज़ में डूब रहे हैं।” दूसरे ने कहा, “यह इंसान सिस्टम के साथ चालाकी करके शेखी बघार रहा है।” कुछ ने तो यहां तक कह दिया, कि भारतीय छात्रों का यूरोप आना एक समस्या बनता जा रहा है।

    दूसरी तरफ समझदार आवाज़ें भी उठीं-

    लेकिन बहुत से लोगों ने इस आलोचना को ग़लत भी बताया। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, कि अगर ये छात्र प्रतिभाशाली हैं और यूरोप में अच्छी नौकरी करते हैं, तो जीवनभर में वो जितना कर चुकाएंगे, वो इस छात्रवृत्ति से कहीं ज़्यादा होगा। एक और ने कहा, कि अगर उसने अपनी प्रतिभा के दम पर छात्रवृत्ति जीती है, तो वो सिस्टम को धोखा कैसे दे रहा है?

    क्या है Erasmus Mundus असली कहानी-

    यह छात्रवृत्ति यूरोपीय संघ की Erasmus Mundus योजना से मिलती है, जो कई देशों में एक साथ संयुक्त स्नातकोत्तर डिग्री करने वाले छात्रों को दी जाती है। इसमें मासिक भत्ता, ट्यूशन फीस, यात्रा खर्च और बीमा शामिल होती है। लेकिन यह छात्रवृत्ति बेहद प्रतिस्पर्धी है, हर साल बहुत कम छात्रों को मिलती है। 2022 में 161 भारतीय छात्रों को यह मिली थी, जो 2024 में घटकर 146 और 2025 में 101 रह गई। फिर भी भारत इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी देश है, 2004 से अब तक 2,200 से ज़्यादा भारतीय छात्र इससे लाभ उठा चुके हैं।

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    असली सवाल गलत कौन है?

    इस पूरे विवाद में असली सवाल यह है, कि क्या एक छात्र को दोष देना सही है, जिसने मेहनत और प्रतिभा से एक प्रतिस्पर्धी छात्रवृत्ति जीती? या फिर सवाल उठना चाहिए उस व्यवस्था पर जो अपने ही छात्रों को किफायती शिक्षा नहीं दे पा रही? जवाब शायद दोनों तरफ छुपा है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।