Dirty Bomb
    Photo Source - Google

    Dirty Bomb: अमेरिका-इज़राइल-ईरान का युद्ध अपने चौथे हफ्ते में है और रुकने का कोई संकेत नहीं। ईरान ने बड़े हमले झेले हैं और पलटवार भी किया है, लेकिन सैन्य नुकसान के मामले में वो पीछे दिखता है। लेकिन तेहरान के पास एक और ताश का पत्ता बचा हुआ है, जो पूरे युद्ध की दिशा बदल सकता है और वो है dirty bomb। यह हथियार भले ही परमाणु बम जितना विनाशकारी न हो, लेकिन इसके इस्तेमाल से जो तबाही होगी, वो दशकों तक महसूस होगी।

    Dirty Bomb क्या होता है-

    इंडिया टूडे की मानें, तो अमेरिकी परमाणु नियामक आयोग के मुताबिक, dirty bomb एक ऐसा हथियार है, जिसमें साधारण विस्फोटक जैसे डायनामाइट के साथ रेडियोधर्मी पदार्थ मिलाया जाता है। जब यह फटता है, तो विस्फोट रेडियोधर्मी सामग्री को आसपास के इलाके में फैला देता है। यह परमाणु बम से बिल्कुल अलग है, परमाणु बम तुरंत भारी तबाही मचाता है, जबकि dirty bomb का मुख्य हथियार है दूषण और दहशत। Chatham House की मैरियन मेस्मर के मुताबिक, “dirty bomb सामूहिक विनाश का हथियार नहीं है, यह मनोवैज्ञानिक और आर्थिक तबाही का हथियार है।”

    स्वास्थ्य पर अस-

    अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र के मुताबिक, बम से तुरंत बड़ी संख्या में मौतें नहीं होतीं, लेकिन रेडियोधर्मी धूल और धुआं दूर तक फैलता है। अगर यह सांस में जाए तो गंभीर नुकसान होता है। ज़्यादा संपर्क में आने से अस्थि मज्जा, पाचन तंत्र और हृदय प्रणाली को नुकसान पहुंचता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दीर्घकालिक संपर्क से ल्यूकेमिया, कैंसर और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। आर्थिक नुकसान भी भारी होता है, 2012 के एक अध्ययन के मुताबिक लॉस एंजिलिस में गंदे बम के हमले से एक दशक में करीब 1600 करोड़ डॉलर का नुकसान हो सकता है।

    क्या ईरान dirty bomb बना सकता है?

    इसका सीधा जवाब है, हां। IAEA के मुताबिक, ईरान के पास 440 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक समृद्ध यूरेनियम है। परमाणु विशेषज्ञ Edwin Lyman का कहना है, कि 60 प्रतिशत समृद्ध यूरेनियम बम और पारंपरिक परमाणु हथियार दोनों बनाने के काम आ सकता है। अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff ने भी CNBC को बताया, कि ईरान इस सामग्री से आसानी से dirty bomb बना सकता था।

    क्या ईरान इसका इस्तेमाल करेगा?

    विशेषज्ञ इसकी संभावना कम लेकिन नकार नहीं सकते। King’s College London के Andreas Krieg का मानना है, कि ऐसा करने पर राजनीतिक, सैन्य और प्रतिष्ठागत नुकसान इतना बड़ा होगा कि शासन खत्म हो सकता है। लेकिन जैसे-जैसे ईरान के मध्यमपंथी नेता हमलों में मारे जा रहे हैं और कट्टरपंथी हावी हो रहे हैं, यह संभावना बढ़ती जा रही है।

    ये भी पढ़ें- Trump ने Iran को क्यों दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम? जिसके चलते खतरे में है पूरी दुनिया की बिजली और तेल

    पत्रकार Gerald Posner के मुताबिक, अगर ईरानी शासन को लगे, कि वो पूरी तरह हार रहा है, तो रेडियोधर्मी हमला “आंतरिक प्रतिशोध” के रूप में पेश किया जा सकता है। होरमुज़ जलडमरूमध्य जैसी जगह पर ऐसा हमला वैश्विक तेल आपूर्ति को हिला सकता है और दुनिया को यह संदेश दे सकता है, कि यह युद्ध भौगोलिक सीमाओं में नहीं रोका जा सकता।

    ये भी पढ़ें- Israel के परमाणु शहर डिमोना को क्यों कहा जाता है Little India? जिस पर ईरान ने किया हमला

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।