Dhurandhar 2
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    Dhurandhar 2: धुरंधर: द रिवेंज सिनेमाघरों में आई और रणवीर सिंह की दमदार अदाकारी ने दर्शकों को हिला कर रख दिया। लेकिन फिल्म खत्म होते ही एक सवाल हर किसी की ज़ुबान पर था, क्या जसकिरत सिंह रंगी का किरदार किसी असली इंसान से प्रेरित है? क्या सच में कोई ऐसा शख्स था जो अपने परिवार की तबाही के बाद सरहद पार गया और दुश्मन के अंडरवर्ल्ड में घुसकर देश की सेवा की? यह सवाल जितना दिलचस्प है, इसका जवाब उतना ही रोमांचक।

    पहले भाग में अधूरी थी कहानी, दूसरे ने खोले राज़-

    द् डेली जागरण के मुातबिक, धुरंधर के पहले भाग में रणवीर सिंह का किरदार एक खूंखार और बेरहम अंडरवर्ल्ड सरगना हम्ज़ा अली मज़ारी लगता था, पाकिस्तान के लियारी का एक ऐसा नाम जिससे लोग कांपते थे। लेकिन धुरंधर 2 ने पर्दा उठाया और बताया, कि इस खूंखार चेहरे के पीछे एक टूटा हुआ इंसान छुपा है जिसका नाम जसकिरत सिंह रंगी है। यह किरदार पूरी तरह काल्पनिक है लेकिन निर्देशक आदित्य धर ने इसे इतनी बारीकी और इंसानी जज़्बात के साथ गढ़ा है कि यह असली लगने लगता है।

    एक खुशहाल पंजाबी परिवार-

    फिल्म बताती है, कि जसकिरत एक साधारण और करीबी पंजाबी परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता भारतीय सेना में गर्व से सेवा कर रहे थे, मां घर को प्यार से संभालती थीं और दो बहनों के साथ उसका गहरा रिश्ता था। वो खुद भी सेना में प्रशिक्षण ले रहा था और ज़िंदगी एकदम सुकून भरी थी। निर्देशक ने इस शांत घरेलू ज़िंदगी को धीरे-धीरे और बड़े प्यार से पर्दे पर उतारा, जिससे जब यह सब टूटे तो दर्शक का दिल भी टूटे।

    एक पल में बिखर गया सब कुछ-

    जसकिरत अपनी बहन जसलीन की शादी की तैयारियों में खुशी-खुशी जुटा था कि तभी एक ताकतवर और भ्रष्ट नेता ने उसके परिवार को निशाना बनाया, सिर्फ इसलिए, कि उसके पिता की फौजी सेवा से उसे दुश्मनी थी। उसके गुर्गों ने जसकिरत की बहन को अगवा कर लिया। जसकिरत ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और बहन को बचा लिया। लेकिन उस नेता की ताकत के आगे न्याय कहां मिलता, जसकिरत पर झूठे आरोप लगे, सेना से निकाला गया और जेल भेज दिया गया। जेल में रहते हुए उसके परिवार को लगातार सताया गया और मौत की सज़ा का इंतज़ार करते-करते उसके दिल में बदले की आग धधकती रही।

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    RAW की नज़र और एक खतरनाक प्रस्ताव-

    जसकिरत के इस धधकते गुस्से को भारतीय ख़ुफ़िया तंत्र ने भांप लिया। इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख अजय सन्याल, जिन्हें आर माधवन ने बेहद शानदार तरीके से निभाया, खुद जेल पहुंचे और उसके सामने ऑपरेशन धुरंधर में शामिल होने का खतरनाक प्रस्ताव रखा। जसकिरत के लिए यह बदले का एकमात्र रास्ता था, उसने हां कर दी, सरहद पार की और हम्ज़ा अली मज़ारी बन गया। एक आम पंजाबी लड़के का यह सफर, टूटे घर से लियारी के अंडरवर्ल्ड तक ही धुरंधर 2 की असली जान है।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।