Mother Pushes Daughter: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर मंगलवार शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर एक ऐसा मंज़र सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर तमिलनाडु एक्सप्रेस आ रही थी और तभी एक महिला ने अपनी आठ साल की मासूम बेटी को अचानक पटरियों पर धकेल दिया।
ट्रेन की चपेट में आई बच्ची प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच फंस गई। यह पूरी घटना स्टेशन के CCTV कैमरों में कैद हो गई। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मां और बेटी घटना से करीब तीन घंटे पहले से उस प्लेटफॉर्म पर मौजूद थीं।
ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रही मासूम-
बच्ची को सिर, कमर और कंधे पर गहरी चोटें आईं और बहुत ज़्यादा खून बह गया। उसे पहले ज़िला अस्पताल ले जाया गया जहां वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर भोपाल के एक बड़े अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को नाज़ुक बताया है। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची मलाखेड़ी इलाके में अपनी मां के साथ रहती थी। पिता के निधन के बाद मां को सरकारी नौकरी मिली थी और दोनों अकेले रह रहे थीं।
उसे मत बचाओ मां की वो बात जो रूह कंपा दे-
जब ट्रेन गुज़री और लोगों ने बच्ची को बचाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद कई लोगों ने बताया, कि मां बार-बार कह रही थी, कि उसे मत बचाओ। यह सुनकर वहां मौजूद हर इंसान सदमे में आ गया। रेलवे कर्मचारियों और आम लोगों ने मिलकर बच्ची को पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच से निकाला। नर्मदापुरम सरकारी रेलवे पुलिस प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया, कि बच्ची को असहनीय पीड़ा से गुज़रना पड़ा होगा।
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मानसिक बीमारी का पहलू भी आया सामने-
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है, कि महिला कई सालों से किसी बीमारी का इलाज करा रही थी और अधिकारियों का मानना है, कि इस घटना के पीछे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा पहलू हो सकता है। उनके इलाज का पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है और परिवार को सूचित कर दिया गया है, जांच जारी है।
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