HDFC Bank Chairman Resignation
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    HDFC Bank Chairman Resignation: भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank से बुधवार देर रात एक खबर आई, जिसने गुरुवार की सुबह पूरे बाज़ार को हिलाकर रख दिया। बैंक के गैर-कार्यकारी चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कहना था, कि पिछले दो सालों में बैंक में कुछ ऐसी बातें हुईं, जो उनकी निजी सोच और मूल्यों से मेल नहीं खाती थीं।

    बस इतनी सी बात बाज़ार के लिए काफी थी, HDFC Bank का शेयर खुलते ही करीब नौ फीसदी टूट गया और निवेशकों के एक लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा कुछ ही घंटों में साफ हो गए।

    “कोई गड़बड़ी नहीं, बस सोच नहीं मिली”-

    एनडीटीवी के मुताबिक, एक इंटरव्यू में अतनु चक्रवर्ती ने साफ कहा, कि वो बैंक पर कोई आरोप नहीं लगा रहे। उनके शब्दों में, “मैं किसी गलत काम की तरफ इशारा नहीं कर रहा। बस मेरी विचारधारा संस्था से मेल नहीं खाती थी।” इस्तीफे के पत्र में उन्होंने लिखा, कि पिछले दो सालों के कुछ घटनाक्रम उनकी निजी नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। इसके अलावा इस्तीफे की कोई और वजह नहीं बताई गई।

    बाज़ार ने तुरंत दिया झटका-

    बुधवार रात खबर आते ही अमेरिकी बाज़ार में HDFC Bank के ADR सात फीसदी से ज़्यादा गिर गए। गुरुवार सुबह भारतीय बाज़ार खुलते ही शेयर 770 रुपये पर आ गया, जो 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर था। इस साल अब तक शेयर करीब पंद्रह फीसदी गिर चुका है। निवेशकों में जो घबराहट फैली वो साफ दिख रही थी।

    कमान किसने संभाली?

    अतनु चक्रवर्ती के जाने के बाद HDFC के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी केकी मिस्त्री को भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी से तीन महीने के लिए कार्यवाहक चेयरमैन बनाया गया। मिस्त्री ने किसी भी आंतरिक विवाद से साफ इनकार किया और कहा, कि अतनु और बोर्ड के बीच कोई बड़ा मतभेद नहीं था। डिप्टी एमडी कैज़ाद भरूचा को भी अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं।

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    क्या निवेशकों ने ज़्यादा घबराहट दिखाई?

    यह गिरावट ज़रूरत से ज़्यादा रही। Macquarie ने कहा, कि बैंक की बुनियाद मज़बूत है, लेकिन जब तक बोर्ड की तरफ से स्पष्ट जवाब नहीं आता, निवेशकों का भरोसा डगमगाता रहेगा। Deven Choksey ने इसे “गहरे मूल्य” वाला मौका बताया, तो Ashika Capital ने कहा, कि यह गिरावट पर खरीदारी का सुनहरा अवसर है। ज़्यादातर विशेषज्ञों का मानना है, कि यह इस्तीफा बैंक की कार्यप्रणाली पर कोई बड़ा असर नहीं डालेगा, बशर्ते बैंक और नियामक जल्द से जल्द पूरी पारदर्शिता दिखाएं।

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    By sumit

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