Iran War
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    Iran War: जंग में जब बेगुनाहों पर बम गिरते हैं, तो इंसानियत शर्मसार हो जाती है। ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में कुछ ऐसा ही हुआ। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में होरमोज़गान प्रांत के इस शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर बमबारी हुई, जिसमें कम से कम 40 मासूम जानें चली गईं और 45 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इस दिल दहला देने वाली खबर की पुष्टि की।

    उस स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियां बस अपनी ज़िंदगी जी रही थीं, जंग से उनका क्या लेना-देना था, यही सवाल आज पूरी दुनिया पूछ रही है। बता दें, कि मिनाब शहर में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक अड्डा भी है, लेकिन अमेरिका और इजराइल ने अब तक इस हमले को लेकर कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है।

    तेहरान में खामेनई के दफ्तर के पास पहला वार-

    शनिवार की सुबह जब हमला शुरू हुआ, तो पहला निशाना ईरान की राजधानी तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई के आवास परिसर के पास लगा। तेहरान के आसमान पर धुएं के बादल मंडराने लगे। यह साफ नहीं हो पाया, कि उस वक्त 86 साल के खामेनई वहां मौजूद थे या नहीं। इसके बाद यह हमला ईरान के कई हिस्सों तक फैल गया और देखते ही देखते पूरे मध्य पूर्व में तनाव की लहर दौड़ गई।

    ट्रम्प बोले अपनी सरकार खुद संभालो-

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर हमले को जायज़ ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, कि पिछले 47 सालों से ईरानी शासन “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाता आया है और दुनिया भर में खून-खराबे को बढ़ावा देता रहा है।

    ट्रम्प ने ईरानी जनता से अपील की, कि वो हमले के दौरान सुरक्षित जगह चली जाएं और जब सब खत्म हो जाए, तो अपनी सरकार खुद अपने हाथों में लें। यह बयान इशारा करता है, कि अमेरिका और इजराइल सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं बल्कि ईरान की मौजूदा धार्मिक सत्ता को ही उखाड़ फेंकना चाहते हैं।

    ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों तक फैली आग-

    ईरान चुप नहीं बैठा। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इजराइल की तरफ ड्रोन और मिसाइलों की पहली खेप दागी, जिसके बाद इजराइल में देशव्यापी अलर्ट जारी हो गया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमला हुआ। कुवैत और कतर में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। UAE की राजधानी में मिसाइल का मलबा गिरने से एक शख्स की जान गई. जो ईरानी जवाबी हमले में पहली ज्ञात मौत बनी। इराक और UAE ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और जॉर्डन में भी सायरन बजते रहे।

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    हूती भी कूदे मैदान में, ईरान का इरादा साफ-

    यमन के हूती विद्रोहियों ने भी ऐलान किया, कि वो लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर से शुरू करेंगे और इजराइल को भी निशाना बनाएंगे। उधर ईरान के विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा, कि वो अपनी धरती की रक्षा में “एक पल भी नहीं हिचकिचाएगा।” यह जंग अब सिर्फ दो देशों के बीच नहीं रही, यह पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में लेती जा रही है और सबसे ज्यादा कीमत वो चुका रहे हैं, जिनका इससे कोई वास्ता नहीं था, मिनाब की वो मासूम बच्चियां।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।