Viral Video: ठाणे में एक तीन साल के मासूम के जन्मदिन की खुशियां उस वक्त डर और चिंता में बदल गईं, जब उसने अनजाने में अपने बर्थडे केक की सजावट में लगे धातु के तार निगल लिए। परिवार के लिए यह सिर्फ एक छोटा-सा बर्थडे मोमेंट नहीं, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी बन गया। इस घटना ने न सिर्फ माता-पिता बल्कि सोशल मीडिया पर हजारों लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया, कि खूबसूरत दिखने वाले केक की सजावट कितनी सुरक्षित है।
गोल्डन बॉलिंग पिन ने बच्चे का खींचा ध्यान-
बच्चे की मां स्नेहा शेलार के मुताबिक, उन्होंने अपने बेटे रेयांश के तीसरे जन्मदिन के लिए बॉलिंग थीम वाला केक एक स्थानीय बेकरी से 31 मई को ऑर्डर किया था, जिससे वीकेंड पर परिवार और रिश्तेदार मिलकर जश्न मना सकें। केक पर लगी सुनहरे रंग की बॉलिंग पिन की सजावट रेयांश को अट्रैक्टिव लगी और वह खुद ही उसे खाने लगा। किसी को अंदाजा नहीं था, कि इन सजावटी हिस्सों के अंदर पतले धातु के तार लगे हुए हैं।
⚠️ PARENTS, PLEASE WATCH THIS BEFORE BUYING A CUSTOM CAKE ⚠️
— Fight Intellect (@desikalesh1) June 8, 2026
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On May 31st, parents ordered a beautiful, custom designed cake for their child. It looked perfect, but hidden inside the design were small pins and… pic.twitter.com/oEKD0HgRoX
बड़े बच्चों को हुआ शक-
परिवार को इस खतरे का एहसास तब हुआ, जब दो बड़े बच्चों ने केक खाते समय अंदर कुछ सख्त चीज महसूस की। जांच करने पर पता चला, कि सजावट को टिकाने के लिए उसमें मेटल वायर का इस्तेमाल किया गया था। जब परिवार ने बेकरी से संपर्क किया, तो कथित तौर पर वहां से भी इस बात की पुष्टि की गई, कि सजावट में धातु के तार लगाए गए थे। परिवार का आरोप है, कि ऑर्डर देते समय या डिलीवरी के दौरान उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
एक्स-रे में दिखे दो तार-
तब तक रेयांश दो धातु के तार निगल चुका था। उसे तुरंत ठाणे के अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्स-रे में डॉक्टरों ने उसके छोटे आंत में दोनों तार मौजूद पाए। स्थिति गंभीर जरूर थी, लेकिन डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने के बजाय बच्चे की लगातार निगरानी करने का फैसला लिया। परिवार के लिए अगले 48 घंटे बेहद तनावपूर्ण रहे, क्योंकि किसी भी समय अंदरूनी चोट का खतरा पैदा हो सकता था।
राहत की खबर, बिना सर्जरी के बाहर निकले तार-
सौभाग्य से लगभग 48 घंटे के भीतर दोनों धातु के तार प्राकृतिक रूप से बच्चे के शरीर से बाहर निकल गए और उसे किसी तरह का आंतरिक नुकसान नहीं हुआ। डॉक्टरों की निगरानी और समय पर इलाज की वजह से रेयांश अब पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बताया जा रहा है।
मां की अपील और सोशल मीडिया पर उठे सवाल-
इस दर्दनाक अनुभव के बाद स्नेहा शेलार ने बेकरी संचालकों से अपील की है, कि केक में इस्तेमाल होने वाली किसी भी गैर-खाद्य सामग्री की जानकारी ग्राहकों को पहले से स्पष्ट रूप से दी जाए। उन्होंने माता-पिता को भी सलाह दी, कि बच्चों को केक परोसने से पहले उसकी सजावट को अच्छी तरह जांच लें।
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सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हुई, जहां कई लोगों ने बच्चे के सुरक्षित होने पर खुशी जताई। वहीं एक पेशेवर बेकर ने भी माना, कि सजावट में मेटल वायर का इस्तेमाल कभी-कभी जरूरी होता है, लेकिन ग्राहक को इसकी जानकारी देना पूरी तरह बेकरी की जिम्मेदारी है, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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