Pavel Durov: दुनिया की सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में शामिल Telegram के फाउंडर पावेल दुरोव एक बार फिर चर्चा में हैं। भारत समेत कई देशों में Telegram को लेकर बहस चलती रहती है, लेकिन इसके पीछे खड़े शख्स की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। अरबों डॉलर की संपत्ति के मालिक पावेल दुरोव अपनी अनोखी सोच और लाइफस्टाइल की वजह से दुनिया भर में सुर्खियां बटोरते रहते हैं।
सिर्फ 6 नहीं, 100 से ज्यादा बच्चों के पिता हैं पावेल दुरोव-
पावेल दुरोव के अपने छह बच्चे हैं, लेकिन एक दिलचस्प तथ्य यह है, कि स्पर्म डोनेशन के जरिए उनके 100 से अधिक जैविक बच्चे दुनिया के अलग-अलग देशों में मौजूद हैं। दुरोव का कहना है, कि उनके लिए सभी बच्चे बराबर हैं और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा है, कि उनके निधन के समय जितनी भी संपत्ति होगी, उसे सभी बच्चों के बीच समान रूप से बांटा जाएगा।

अरबपति होकर भी नहीं है खुद का घर या कोई प्रॉपर्टी-
जहां दुनिया के बड़े-बड़े अरबपति लग्जरी बंगले, प्राइवेट जेट और महंगी प्रॉपर्टी खरीदने में लगे रहते हैं, वहीं पावेल दुरोव की सोच बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार, “जिन चीजों के मालिक आप बनते हैं, एक समय के बाद वही चीजें आपकी मालिक बन जाती हैं।” यही कारण है, कि उनके पास खुद का कोई स्थायी घर या बड़ी प्रॉपर्टी नहीं है। वह अलग-अलग देशों में रहना पसंद करते हैं और पूरी दुनिया को ही अपना घर मानते हैं।
सिर्फ 30 कर्मचारियों के दम पर चल रहा है Telegram-
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में हजारों कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन Telegram की टीम बेहद छोटी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Telegram में लगभग 30 कर्मचारी हैं और सभी पूरी तरह रिमोट मोड में काम करते हैं। कंपनी का एक सख्त नियम भी है कि कर्मचारी सार्वजनिक रूप से यह नहीं बता सकते कि वे Telegram के लिए काम करते हैं।

अरबों डॉलर के ऑफर भी ठुकरा चुके हैं दुरोव-
कई बड़े निवेशकों ने Telegram में हिस्सेदारी खरीदने के लिए अरबों डॉलर के ऑफर दिए, लेकिन पावेल दुरोव ने सभी प्रस्ताव ठुकरा दिए। उनका मानना है, कि निवेशकों का पैसा लेने के बाद कंपनी पर दबाव बढ़ने लगता है और फिर यूजर्स के डेटा, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन मॉडल जैसे फैसलों में समझौता करना पड़ता है।
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प्राइवेसी के लिए सरकारों से भी टकरा चुके हैं-
पावेल दुरोव हमेशा यूजर्स की प्राइवेसी के समर्थक रहे हैं। इसी वजह से वह कई बार सरकारों के साथ विवादों में भी रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार, डेटा शेयरिंग को लेकर मतभेद के बाद उन्होंने Telegram का मुख्यालय दुबई में स्थापित किया। उनकी यही सोच उन्हें टेक दुनिया के सबसे अलग और चर्चित अरबपतियों में शामिल करती है।
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आज सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें आम और मध्यम वर्ग के लोगों का हितैषी मानते हैं, क्योंकि Telegram पर लोगों को किताबें, कोर्स और मनोरंजन से जुड़ी चीज़ें आसानी से उपलब्ध हो जाती है। हालांकि, कॉपीराइट और कानूनी नियमों को लेकर इस प्लेटफॉर्म पर लगातार बहस भी होती रहती है।


