GST Registration Process
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    GST Registration Process: आजकल अपना कारोबार शुरू करना हो या पहले से चल रहे काम को कानूनी रूप देना हो, जीएसटी नंबर लेना बेहद जरूरी हो गया है। पहली बार GST के लिए आवेदन करना थोड़ा डरावना लग सकता है, लेकिन खुशी की बात यह है, कि पूरी प्रक्रिया बहुत सीधी है और घर बैठे की जा सकती है। आज हम आपको 6 आसान स्टेप्स में बताएंगे, कि जीएसटी नंबर कैसे बनवाते हैं।

    अगर आप भारत में कोई कारोबार चला रहे हैं और आपका सालाना कारोबार निर्धारित सीमा से ज्यादा है, तो वस्तु एवं सेवा कर यानी GST के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इससे आपको एक विशेष पहचान संख्या मिलती है, जिसे जीएसटीआईएन कहते हैं। यह काम शुरू में मुश्किल लग सकता है, लेकिन चरणबद्ध तरीके से करने पर यह बहुत आसान हो जाता है।

    पहला स्टेप सरकारी वेबसाइट-

    जीएसटी पंजीकरण शुरू करने के लिए सबसे पहले सरकारी जीएसटी पोर्टल www.gst.gov.in पर जाना होगा। यह सरकारी वेबसाइट है, जहां जीएसटी से जुड़े सभी काम होते हैं। यहां आप पंजीकरण कर सकते हैं, रिटर्न भर सकते हैं और भुगतान भी देख सकते हैं। यह वेबसाइट बिल्कुल सुरक्षित है। वेबसाइट खोलने के बाद आपको एक साफ सुथरा पेज दिखेगा, जहां सभी विकल्प स्पष्ट रूप से लिखे हुए हैं। यहां कोई भ्रम नहीं होता और सब कुछ हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।

    दूसरा स्टेप-

    वेबसाइट पर पहुंचने के बाद सेवाएं वाले हिस्से को देखें। उसके अंदर पंजीकरण के विकल्प पर दबाएं और फिर नया पंजीकरण चुनें। अब आपको कुछ बुनियादी जानकारी भरनी होगी, जैसे आपके कारोबार का कानूनी नाम जो पैन कार्ड के अनुसार हो, कारोबार या मालिक का पैन नंबर, ईमेल पता, मोबाइल नंबर और आपके कारोबार की जगह। यह जानकारी भरने के बाद आपके दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल पर गुप्त संख्या आएगी। यह एकबारगी पासवर्ड सत्यापन के लिए जरूरी है। इस संख्या को डालकर पुष्टि करना बेहद आसान है और इससे आपका खाता सुरक्षित रहता है।

    तीसरा स्टेप-

    मोबाइल नंबर और ईमेल की पुष्टि के बाद वेबसाइट अपने आप एक अस्थायी संदर्भ संख्या बनाती है। यह संख्या बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से आप दोबारा वेबसाइट में दाखिल होकर पंजीकरण प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं। अस्थायी संख्या डालने के बाद सुरक्षा के लिए एक और गुप्त संख्या आएगी। यह अतिरिक्त सुरक्षा के लिए है ताकि कोई गलत व्यक्ति आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल न कर सके। गुप्त संख्या की पुष्टि के बाद आप आवेदन पत्र तक पहुंच जाएंगे।

    चौथा स्टेप-

    अब सबसे महत्वपूर्ण चरण आता है, जहां आपको भाग ब की विस्तृत जानकारी भरनी होगी। इसमें कारोबार का कानूनी नाम, पैन नंबर, मुख्य कारोबारी जगह और कोई अतिरिक्त स्थान शामिल है। साझीदार या मालिक की जानकारी भी देनी होगी, जिसमें नाम, पैन और संपर्क विवरण शामिल है।

    अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की जानकारी भी जरूरी है, जो कारोबार की तरफ से आवेदन पर दस्तखत कर सकता है। बैंक की जानकारी भी देनी होगी जिसमें कारोबार के खाते का विवरण हो। मुख्य कारोबारी जगह के सबूत के लिए किराया समझौता, बिजली का बिल या संपत्ति कर रसीद अपलोड करनी होगी।

    पांचवा स्टेप-

    इस चरण में आपको सत्यापन के लिए सहायक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें कारोबार या मालिक का पैन कार्ड, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार कार्ड, कारोबारी पते का सबूत, बैंक स्टेटमेंट या रद्द किया गया चेक, कारोबारी पंजीकरण प्रमाणपत्र और कंपनियों के लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र शामिल है। सभी दस्तावेज वेबसाइट पर बताए गए आकार और प्रकार में होने चाहिए। गलत फॉर्मेट में फाइल अपलोड करने से समस्या हो सकती है, इसलिए पहले से ही सभी कागजात तैयार रखें।

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    छठा स्टेप-

    कागजात अपलोड करने के बाद अंतिम चरण आवेदन की पुष्टि का है। यह दो तरीकों से हो सकता है। पहला तरीका है, आपके दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल पर आने वाली सत्यापन संख्या से। दूसरा तरीका है, डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र से जो कंपनियों के लिए अनिवार्य है। आवेदन जमा करने के बाद आपको एक पावती संख्या मिलेगी। आवेदन की जांच होगी और कुछ दिनों में आपको ईमेल के जरिए जीएसटीआईएन और पंजीकरण प्रमाणपत्र मिल जाएगा।

    भारत में जीएसटी नंबर के लिए पंजीकरण अब पहले से कहीं आसान हो गया है। सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि किसी तरह की देरी न हो। जीएसटीआईएन मिलने के बाद आप आसानी से कर वसूल सकते हैं, रिटर्न भर सकते हैं और भारत की कर व्यवस्था के ढांचे में अपना कारोबार बढ़ा सकते हैं।

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