Growing Guava in Pot: क्या आप भी अपने घर में ताजा और मीठे अमरूद खाने का सपना देखते हैं? अगर हां, तो यह आपके लिए बेहद खुशी की बात है। अमरूद के पेड़ अपने मीठे, विटामिन से भरपूर फलों और उष्णकटिबंधीय आकर्षण के लिए जाने जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है, कि इन्हें उगाने के लिए आपको किसी बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है। सही देखभाल के साथ, आप अपनी बालकनी या छत पर गमले में भी सफलतापूर्वक अमरूद के पेड़ उगा सकते हैं।
आज के समय में जब शहरी जीवन में लोगों के पास जगह की कमी है, गमले में पेड़-पौधे उगाना एक बेहतरीन विकल्प बन गया है। अमरूद जैसे फलदार पेड़ों को गमले में उगाना न केवल संभव है, बल्कि बहुत ही फायदेमंद भी है। इससे आप अपने घर में ही ऑर्गेनिक फल उगा सकते हैं और अपने परिवार को स्वस्थ आहार दे सकते हैं।
सही गमला चुनना है सबसे जरूरी-
अमरूद का पेड़ गमले में उगाने के लिए गमले का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण कदम है। साइज का बहुत महत्व होता है, इस मामले में। कम से कम 18-24 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें, जिसमें उचित जल निकासी के लिए छेद हों। अमरूद की जड़ें तेजी से फैलती हैं, इसलिए बड़ा गमला स्वस्थ विकास सुनिश्चित करता है और बार-बार गमला बदलने की जरूरत भी कम होती है।
मिट्टी के गमले या प्लास्टिक के बड़े कंटेनर दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मिट्टी के गमले बेहतर माने जाते हैं क्योंकि वे जड़ों को सांस लेने में मदद करते हैं। गमले के नीचे कम से कम 4-5 छेद जरूर होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए।
मिट्टी का मिश्रण है सफलता की चाबी-
अमरूद के पेड़ अच्छी जल निकासी वाली, पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बहुत अच्छे से पनपते हैं। बगीचे की मिट्टी, कंपोस्ट और रेत का मिश्रण सबसे बेहतर होता है। आप चाहें तो हवादार बनाने के लिए कोकोपीट या पर्लाइट भी मिला सकते हैं। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए, जो पर्याप्त नमी बनाए रखे, लेकिन दलदली न हो जाए, क्योंकि अमरूद की जड़ें जल भराव को पसंद नहीं करतीं।
सही मिट्टी का मिश्रण तैयार करने के लिए 50% सामान्य गार्डन मिट्टी, 30% अच्छी तरह से सड़ी हुई खाद या कंपोस्ट और 20% रेत या कोकोपीट का इस्तेमाल करें। इस मिश्रण से पेड़ को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाएंगे और जल निकासी भी उचित रहेगी।
धूप और रोपाई की सही जानकारी-
अमरूद के गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना कम से कम 6-7 घंटे सीधी धूप मिले। अमरूद गर्मी पसंद करता है, इसलिए बालकनी, छत और धूप वाले आंगन सबसे आदर्श स्थान हैं। यदि आप घर के अंदर उगा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें, कि पौधे को पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश मिले या फिर ग्रो लाइट्स का इस्तेमाल करें।
पौधा लगाते समय ध्यान रखें, कि जड़ों को नुकसान न पहुंचे। छोटे पौधे को गमले के बीच में लगाएं और हल्के हाथों से मिट्टी दबाएं। रोपाई के बाद तुरंत हल्का पानी दें और पेड़ को कुछ दिनों के लिए तेज धूप से बचाएं।
पानी और खाद का सही तरीका-
नियमित पानी देना बहुत जरूरी है, खासकर बढ़ने के मौसम में। मिट्टी को नम रखें लेकिन कभी भी जल भराव न होने दें। सर्दियों में जब पौधे की वृद्धि धीमी हो जाती है, तो पानी कम दें। फल जल्दी आने के लिए, हर 4-6 हफ्ते में संतुलित जैविक खाद या कंपोस्ट डालें। पानी देने का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम का होता है। दिन में तेज धूप के समय पानी देने से बचें। पानी देते समय ध्यान रखें कि पत्तियों पर पानी न पड़े, सिर्फ जड़ों के पास ही पानी दें।
छंटाई और देखभाल की जरूरी बातें-
छंटाई से पौधे का आकार बना रहता है और नई शाखाओं को बढ़ने में मदद मिलती है। मृत या ज्यादा घनी शाखाओं को नियमित रूप से हटाते रहें। गमले में लगे अमरूद के पेड़ों को कभी-कभार जड़ों की छंटाई की भी जरूरत होती है, अगर वे जड़ों से भर जाएं। साल में दो बार, मॉनसून से पहले और सर्दी में छंटाई करना सबसे अच्छा होता है। इससे पेड़ का साइज नियंत्रण में रहता है और फल भी अच्छे आते हैं।
परागण और फल की कटाई-
अधिकांश अमरूद की किस्में स्व-परागण करती हैं, लेकिन पेड़ को बाहर रखने से परागणकर्ताओं की गतिविधि बढ़ती है। किस्म के अनुसार, आप 2-4 साल में फल की उम्मीद कर सकते हैं। जब अमरूद थोड़े नर्म हो जाएं और उनसे मीठी खुशबू आने लगे तब उन्हें तोड़ लें। फल पकने का सही समय पहचानना बहुत जरूरी है। कच्चे फल कड़े होते हैं और उनमें मिठास कम होती है, जबकि ज्यादा पके फल जल्दी खराब हो जाते हैं। सही समय पर तोड़े गए अमरूद सबसे स्वादिष्ट और पोषक होते हैं।
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धैर्य और निरंतर देखभाल है जरूरी-
अमरूद का पेड़ गमले में सफलतापूर्वक उगाने के लिए धैर्य और निरंतर देखभाल सबसे महत्वपूर्ण है। सही गमला, मिट्टी और धूप के साथ, आप अपनी बालकनी या छत से ही घर में उगे अमरूद का स्वाद ले सकते हैं। यह न केवल आपको ताजा फल देगा बल्कि आपके घर की हरियाली भी बढ़ाएगा।
आज के समय में जब मार्केट में मिलने वाले फलों में केमिकल्स की मात्रा बढ़ रही है, अपने घर में ऑर्गेनिक तरीके से फल उगाना एक बेहतरीन विकल्प है। छोटी सी शुरुआत से आप अपने परिवार को स्वस्थ और पौष्टिक आहार दे सकते हैं।
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