Plastic Gloves in Food
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    Plastic Gloves in Food: आज के दौर में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। घर बैठे-बैठे स्वादिष्ट खाना मंगवाना कितना आसान है, यह हम सब जानते हैं। लेकिन कभी-कभी यही सुविधा एक बुरे सपने में बदल जाती है। नोएडा निवासी सतीश सरावगी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उन्होंने ज़ोमेटो से सैंडविच ऑर्डर किया था।

    सतीश ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में काम करने वाले डिलीवरी फूड ब्रांड सैलाड डेज़ से खाना मंगवाया था। जब उन्होंने अपना ऑर्डर खोला तो जो दिखा, वह किसी भी व्यक्ति के लिए घिनौना था। सैंडविच की स्लाइसों के बीच, अन्य सामग्रियों के साथ एक प्लास्टिक का डिस्पोज़ल दस्ताना रखा हुआ था।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर-

    सतीश ने इस घटना की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर कीं, जो तुरंत व्यापक रूप से फैल गईं। उनके ऑर्डर में दो सैंडविच शामिल थे, एक ब्रोकली, कॉर्न और तुलसी पेस्टो सैंडविच साउरडो ब्रेड पर और दूसरा धुंआदार पनीर और मिर्च सैंडविच। लेकिन इनमें से एक में जो अतिरिक्त ‘सामग्री’ मिली, वो था एक गंदा प्लास्टिक दस्ताना।

    इस दस्ताने को देखकर समझा जा सकता है, कि रसोई में साफ-सफाई का कितना बुरा हाल रहा होगा। ये दस्ताने एक बार इस्तेमाल के लिए होते हैं और खाना संभालने के तुरंत बाद इन्हें फेंक देना चाहिए। लेकिन यहां यह खाने के साथ ही ग्राहक तक पहुंच गया।

    Zomato की तुरंत प्रतिक्रिया-

    सतीश ने अपनी पोस्ट में ज़ोमेटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपिंदर गोयल और रेस्टोरेंट को टैग करते हुए लिखा, “@zomato @zomatocare, मैंने सैंडविच ऑर्डर किया था और खाने के अंदर दस्ताना मिला! यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और गंभीर साफ-सफाई की समस्या है। कृपया इसकी जांच करें और जल्दी जवाब दें।”

    ज़ोमेटो ने इस पोस्ट का तुरंत जवाब दिया और अपनी चिंता व्यक्त की। कंपनी के ऑफिशियल हैंडल @ZomatoCare ने लिखा, “हाय सतीश, इस बारे में सुनकर हम बेहद हैरान हैं। हम समझ सकते हैं, कि यह आपके लिए कितनी परेशान करने वाली बात रही होगी। कृपया हमें अपने रेस्टोरेंट साझीदार से इस बारे में बात करने के लिए कुछ समय दें। हम आपसे संपर्क करेंगे और इस मामले पर आगे चर्चा करेंगे।”

    रेस्टोरेंट का देर से आया जवाब-

    व्यापक रूप से फैली पोस्ट के जवाब में सैलाड डेज़ ने भी मामले की जांच का वादा किया। रेस्टोरेंट ने लिखा, “@SarawagiSatish हम इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और तुरंत अपनी गुणवत्ता आश्वासन टीम के साथ गहरी जांच शुरू की है। इस रसोई को तुरंत समीक्षा के लिए चिह्नित किया गया है। कृपया हमें पर्सनल मैसेज में अपनी संपर्क जानकारी भेजें, ताकि हम सीधे तालमेल कर सकें और इसे उचित रूप से हल कर सकें।”

    लेकिन सतीश ने बताया, कि रेस्टोरेंट को शिकायत का जवाब देने में 18 घंटे लगे। उन्होंने लिखा, “रिफंड? क्या इससे कुछ फर्क पड़ता है? ईमानदार गलती क्या होती है? मीडिया द्वारा उजागर किए जाने तक उन्होंने 18 घंटे तक कोई जवाब नहीं दिया।”

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    फूड safety पर सवालिया निशान-

    यह घटना ऑलाइ फूड डिलिवरी की दुनिया में साफ-सफाई और फूड सेफ्टी के मुद्दों को उजागर करती है। जब लोग घर बैठे खाना मंगवाते हैं तो वे रसोई की साफ-सफाई पर भरोसा करते हैं। लेकिन जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो ग्राहकों का भरोसा हिल जाता है।

    यह मामला सिर्फ एक रेस्टोरेंट की गलती नहीं है, बल्कि पूरे फूड डिलिवरी इकोसिस्टम की जिम्मेदारी है। Zomato जैसी कंपनियों को अपने पार्टनर रेस्टोरेंट्स की नियमित जांच करनी चाहिए और फूड क्वालिटी को मेनटेन करना चाहिए। ग्राहकों की सुरक्षा और संतुष्टि सबसे पहले आनी चाहिए। इस घटना से सीख लेते हुए, सभी फूड डिलिवरी पार्टनर और रेस्टोरेंट्स को अपनी साफ-सफाई के स्टैंडर्ड्स को और भी सख्त बनाना चाहिए।

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