Parliament Security Breach
    Photo Source - Google

    Parliament Security Breach: देश की सुरक्षा के लिए एक चिंताजनक खबर आई है। शुक्रवार की सुबह एक व्यक्ति ने पेड़ पर चढ़कर संसद भवन की दीवार फांदी और परिसर में घुसपैठ कर ली। यह घटना सुबह करीब 6:30 बजे हुई, जो संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। अधिकारियों के मुताबिक, घुसपैठिया रेल भवन की ओर से दीवार कूदकर नए संसद भवन के गरुड़ गेट तक पहुंच गया था।

    सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, इस व्यक्ति को पकड़ लिया है और फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है, कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, कि यह व्यक्ति कैसे इतनी आसानी से संसद की सुरक्षा को भेदने में कामयाब हो गया।

    मानसून सत्र की समाप्ति के अगले दिन हुई घटना-

    यह घटना उस समय हुई है, जब संसद का मानसूनी सत्र बृहस्पतिवार को समाप्त हुआ था। पूरे सत्र के दौरान विपक्षी दलों के हंगामे और व्यवधानों के कारण संसदीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ था। ऐसे माहौल में यह सुरक्षा उल्लंघन और भी चिंताजनक हो जाता है।

    संसद की सुरक्षा को लेकर यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले साल भी एक इसी तरह का मामला सामने आया था, जब 20 साल की उम्र के एक युवक ने संसद की दीवार फांदकर एनेक्स बिल्डिंग के परिसर में कूद गया था। उस घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया था, जिसमें शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहने हुए संदिग्ध व्यक्ति को सशस्त्र CISF जवानों द्वारा पकड़े जाने का दृश्य दिखाई दे रहा था। उस व्यक्ति की तलाशी के दौरान उसके पास कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।

    2023 की भयानक घटना अभी भी याद-

    सबसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन की घटना 2023 में हुई थी, जो 2001 के संसद हमले की बरसी के दिन घटी थी। उस दिन सागर शर्मा और मनोरंजन डी नाम के दो लोगों ने लोकसभा के पब्लिक गैलरी से चैंबर में कूदकर पीले रंग की गैस छोड़ी थी। उन्होंने नारेबाजी भी की थी, लेकिन कुछ सांसदों ने उन्हें काबू कर लिया था।

    उसी समय, अमोल शिंदे और नीलम आजाद नाम के दो अन्य आरोपी संसद परिसर के बाहर रंगीन गैस छोड़ते हुए तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगा रहे थे। इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में महेश कुमावत और ललित झा नाम के दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था।

    अदालत में चल रहा है मामला-

    इस सुरक्षा उल्लंघन के मामले में इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से ललित झा द्वारा दायर बेल याचिका पर जवाब मांगा है।

    ये भी पढ़ें- 10वीं के स्टूडेंट ने 8वीं क्लास के छात्र की स्कूल में चाकू से हमला कर की हत्या, गुस्साए लोगों ने..

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल-

    इन बार-बार होने वाली घटनाओं से संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। देश के सबसे महत्वपूर्ण संस्थान की सुरक्षा में इस तरह की कमियां बेहद खतरनाक हैं। CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने की जरूरत है।

    ये भी पढ़ें- BJP के मंत्रियों ने की महिला सांसदों के साथ मारपीट? TMC ने लगाया आरोप कहा..