Ahmedabad Student Murder
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    Ahmedabad Student Murder: अहमदाबाद के सातवें दिन ऐडवेंटिस्ट स्कूल में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब क्लास 10 के एक छात्र ने क्लास 8 के बच्चे पर चाकू से हमला कर दिया। दोनों के बीच किसी बात पर कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया, कि बड़े छात्र ने नाबालिग साथी पर चाकू से वार कर दिया। घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।

    परिवार और समुदाय का गुस्सा-

    बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक बच्चा सिंधी समाज से था और उसकी मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया। परिवार के सदस्य और समाज के लोग बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्से में आकर उन्होंने स्कूल के दफ्तर में तोड़फोड़ भी की।

    पुलिस की तैनाती और स्थिति पर काबू-

    प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू होते देख पुलिस को बड़ी संख्या में मौके पर भेजा गया। जॉइंट सीपी जयपाल सिंह राठौड़ ने जानकारी दी, कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पहले ही आरोपी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी और उसे हिरासत में भी ले लिया गया था। उन्होंने बताया कि, दो छात्रों में झगड़ा हुआ और उनमें से एक ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। कल ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली थी और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया था। लेकिन घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    धार्मिक और सामुदायिक तनाव की आहट-

    जैसे ही आरोपी की पहचान हुई, मामला और भी गर्मा गया। जानकारी सामने आने पर कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए हालात को काबू में किया। अधिकारीयों का कहना है, कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    एक परिवार का सपना टूटा-

    इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक मासूम की जान ले ली, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। मृतक के माता-पिता के आंसू और उनकी लाचारगी वहां मौजूद हर शख्स को भीतर तक हिला रही थी। स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी अब सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है, कि स्कूल प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से कदम उठाने चाहिए थे।

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    जांच और न्याय की मांग-

    वहीं मृतक के परिवार ने साफ कहा है, कि वे अपने बच्चे के लिए न्याय चाहते हैं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। समुदाय और परिजन मांग कर रहे हैं, कि स्कूल प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता और उस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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