Ajmer Bhajan Qawwali Controversy: नवरात्रि के पावन मौके पर अजमेर के शास्त्री नगर में एक भजन संध्या का आयोजन हुआ था। यह रात देवी मां की आराधना को समर्पित थी और हज़ारों श्रद्धालु भक्ति के रंग में डूबे हुए थे। लेकिन जो रात भजनों की मिठास से भरनी थी वो विवाद और तनाव में बदल गई। अलवर गेट इलाके में हुई इस भजन संध्या में गायक जॉन अजमेरी ने खजा गरीब नवाज़ की कव्वाली गाई और देखते ही देखते माहौल गरम हो गया।
वीडियो वायरल हुआ-
जैसे ही कव्वाली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भड़क उठे। कार्यकर्ता तुरंत कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए और ज़ोरदार विरोध शुरू कर दिया। VHP नेता किशन गुर्जर ने बताया, कि उन्हें जानकारी मिली, कि माता के जागरण में कव्वाली गाई गई, जो उनके अनुसार धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। हिंदू संगठनों ने ऐसे गायकों के बहिष्कार की मांग करते हुए कहा, कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह के प्रदर्शन बिल्कुल अनुचित हैं।
“जय श्री राम” के नारे और गायक की विदाई-
विरोध जैसे-जैसे बढ़ा कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाने शुरू कर दिए। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया, कि गायक जॉन अजमेरी को मंच छोड़कर जाना पड़ा। कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। हिंदू संगठनों ने मांग की, कि गायक सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, क्योंकि उनके इस कदम ने शहर की साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है।
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धर्म और कला के बीच की लकीर-
इस घटना ने अजमेर में एक गहरी बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ हिंदू संगठनों का कहना है कि माता के जागरण में दूसरे धर्म के गीत गाना अनुचित है और यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है। दूसरी तरफ कुछ लोग यह भी कह रहे हैं, कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती और भक्ति के रंग में सब एक होते हैं।
अजमेर जैसे शहर में जहां ख्वाजा साहब की दरगाह और हिंदू मंदिर दोनों साथ-साथ हैं, वहां इस तरह का विवाद और भी संवेदनशील हो जाता है। फिलहाल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और मामला गर्म बना हुआ है।
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