Haryana Waste to Energy Plant
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    Haryana Waste to Energy Plant: फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर बंधवाड़ी के पास कूड़े का वह पहाड़ जिसमें आए दिन आग लगती रहती है, शायद जल्द ही बिजली का स्रोत बन जाए। हरियाणा सरकार ने एक बड़ा और महत्वाकांक्षी फैसला लिया है, प्रदेश के पांच बड़े ज़िलों फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल और हिसार में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाएंगे। यानी जो कचरा अब तक सिर्फ समस्या था, वह अब ऊर्जा का ज़रिया बनेगा। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय इस प्रस्ताव को ज़मीन पर उतारने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

    रोज़ निकलता है हज़ारों टन कचरा-

    फरीदाबाद से रोज़ाना 860 मीट्रिक टन और गुरुग्राम से 1,200 मीट्रिक टन से भी ज़्यादा कचरा निकलता है। इस कचरे का उचित निपटान न होने से कूड़े के पहाड़ बन गए हैं, जो न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि लीचेट यानी कचरे से निकलने वाले ज़हरीले पानी से भूजल भी प्रदूषित हो रहा है। बंधवाड़ी में तो हालत यह है, कि कूड़े के ढेर में आए दिन आग लग जाती है।

    5 IAS अधिकारियों को सौंपी गई बड़ी ज़िम्मेदारी-

    इस परियोजना के लिए पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा, गुरुग्राम के निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त आयुक्त अंकिता चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त यश जुलका और हिसार के निगमायुक्त नीरज। यह पहली बार है जब किसी एक परियोजना के लिए पांच IAS अधिकारियों की कमेटी एक साथ बनाई गई है।

    20 दिन में आएगी रिपोर्ट-

    यह कमेटी 20 दिनों के भीतर सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी जिसमें पांच अहम बातें स्पष्ट करनी होंगी, पाँचों ज़िलों से निकलने वाले कचरे की कुल मात्रा, प्लांट लगाने के लिए उपयुक्त ज़मीन की पहचान, बिजली निकासी और पावर परचेज़ एग्रीमेंट का ढांचा, परियोजना की अनुमानित लागत और पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन। साथ ही ऐसी निजी कंपनियों को भी चिह्नित करना होगा जो इस प्लांट में निवेश करने में रुचि रखती हों।

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    पीपीपी मोड पर लगेंगे प्लांट-

    सरकार इन प्लांट्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मोड पर लगाएगी। इससे पहले बंधवाड़ी में इको ग्रीन कंपनी के साथ ऐसा ही प्रयास किया गया था, लेकिन कंपनी तय समय पर काम शुरू नहीं कर पाई और फरवरी 2024 में सरकार ने अनुबंध रद्द कर दिया। इस बार सरकार उस गलती से सबक लेकर बेहतर योजना के साथ आगे बढ़ रही है। पहले चरण में तीन ज़िलों को शामिल किया जाएगा।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।