Congress vs Election Commission
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    Congress vs Election Commission: रविवार को जब चुनाव आयोग ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। जिसके बाद कांग्रेस ने न केवल अपने सवालों को दोहराया, बल्कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी जवाब दिया। इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों की तरफ से कड़े बयान आए हैं।

    केरल कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल ने बेहद चुटीले अंदाज में चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब दिया। उन्होंने एक सवाल पूछा, कि गाय का दूध पौष्टिक क्यों माना जाता है। फिर इसका जो जवाब दिया वो बेहद मजेदार था। उन्होंने लिखा, कि चुनाव आयोग कहेगा, कि गाय खूबसूरत है, जागते ही उसका दूध निकाला जाता है और नारियल के पेड़ से बांधा जाता है।

    नारियल के छिलके में बयान का मतलब-

    कांग्रेस के इस व्यंग्यात्मक जवाब में आगे लिखा था, कि नारियल का पेड़ 70 फीट तक बढ़ता है। जब नारियल पकते हैं, तो गिरते हैं, छिलका उतारा जाता है, धूप में सुखाया जाता है, फिर तेल निकाला जाता है। उस तेल में केले के चिप्स तले जाते हैं। चिप्स कई तरह के होते हैं, लेकिन कच्चे वाले सबसे अच्छे लगते हैं। यही हम शाम की चाय के साथ ऑफिस में परोसते हैं।

    यह पूरा बयान दरअसल चुनाव आयोग के घुमावदार जवाबों पर तंज था। कांग्रेस का कहना था, कि जैसे गाय के दूध के सवाल का नारियल और चिप्स से कोई लेना देना नहीं है, वैसे ही चुनाव आयोग भी सीधे सवालों के टेढ़े जवाब देता है।

    पवन खेड़ा के तीखे सवाल-

    कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने और भी सीधे सवाल उठाए। जब उनसे चुनाव आयोग के इस तर्क के बारे में पूछा गया, कि वे CCTV फुटेज नहीं दे सकते, क्योंकि इससे मतदाताओं की निजता भंग होगी, तो खेड़ा ने कहा, कि अगर फुटेज देना ही नहीं है तो रिकॉर्ड ही क्यों करते हैं।

    उन्होंने चुनाव आयोग के नए नियमों का हवाला देते हुए कहा, कि फुटेज को 45 दिन रखकर नष्ट कर दिया जाता है। खेड़ा ने तर्क दिया, कि अगर निजता का मसला है, तो उन 45 दिनों में यह निजता क्यों नहीं भंगी होती। उन्होंने यह बात बिहार के सासाराम में पत्रकारों से कही, जहां वे विपक्षी पार्टियों की एक रैली में शामिल हुए थे।

    राहुल गांधी ने दोहराए आरोप-

    सासाराम में हुई मतदाता अधिकार रैली में राहुल गांधी ने फिर से आरोप लगाया, कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। कांग्रेस और राजद के नेतृत्व में यह रैली बिहार में चल रहे, विशेष गहन संशोधन के विरोध में आयोजित की गई थी। वहीं पवन खेड़ा ने कहा, कि हमें उम्मीद थी, कि आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हमारे सवालों का जवाब देंगे। लेकिन वे भाजपा नेता की तरह बोल रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया, कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बंगलोर सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा सेगमेंट में एक लाख फर्जी मतदाताओं के आरोप का कोई जवाब नहीं दिया।

    चुनाव आयुक्त का फर्जी मतदाताओं पर जवाब-

    जब मुख्य चुनाव आयुक्त से फर्जी मतदाताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, कि क्या हम यूं ही डेढ़ लाख मतदाताओं को चिट्ठी भेजकर परेशान करें और कहें कि आप फर्जी हैं, तो हमें शपथ पत्र दीजिए। यह बयान भी विवादित माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस का कहना है, कि उन्होंने ठोस सबूत दिए थे। निजता के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने महिलाओं का हवाला देते हुए कहा, कि क्या चुनाव आयोग किसी की मां, बहू, बहन या किसी और के CCTV वीडियो साझा करे। उन्होंने कहा, कि चुनाव में सिर्फ वही लोग वोट डाल सकते हैं, जिनका नाम मतदाता सूची में है।

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    कन्हैया कुमार का तंज-

    कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भी चुनाव आयोग के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा, कि चुनाव आयोग को चुनाव कराना बंद करके खुद चुनाव लड़ना चाहिए। यह टिप्पणी भी इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ ले आई है। इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की तरफ से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। कांग्रेस का कहना है, कि चुनाव आयोग उनके गंभीर सवालों का सीधा जवाब नहीं दे रहा, जबकि आयोग का कहना है, कि पार्टी बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगा रही है।

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