Bihar Police Suspended: बिहार के सहरसा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए, एक वीडियो के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोप है, कि एक व्यक्ति पुलिस जांच को प्रभावित कर रहा था और थानों में बिचौलिए की तरह काम कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 10 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
वायरल वीडियो ने खोली पूरे नेटवर्क की परतें-
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति कथित तौर पर पुलिस के कामकाज में दखल देता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू करवाई। पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सहरसा रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने पूरे मामले की निगरानी की।
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सहरसा जिले के बहुवारवा गांव निवासी सतीश कुमार के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह सलखुआ थाना क्षेत्र में पुलिस जांच को प्रभावित करने और लोगों से पैसे लेकर मामलों में हस्तक्षेप करने का काम करता था।
मंदिर के पास पकड़ा गया आरोपी-
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को गौसपुर स्थित एक मंदिर के पास बाइक से जा रहे एक व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ और पहचान के दौरान पता चला कि वही शख्स वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा था। जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं।
बैग से एक लैपटॉप, कीबोर्ड, माउस और कई जांच अधिकारियों की मूल केस फाइलें मिलीं। इतनी संवेदनशील फाइलों का किसी बाहरी व्यक्ति के पास मिलना पुलिस विभाग के लिए बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
लैपटॉप में मिले कई केसों के दस्तावेज-
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के लैपटॉप में कई मामलों से जुड़े दस्तावेज और फाइलें भी मिलीं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी पुलिस डायरी लिखने और उसे अन्य लोगों तक पहुंचाने जैसी गतिविधियों में भी शामिल हो सकता है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी विभिन्न थानों में आता-जाता था और आम लोगों से पैसे लेकर उनके मामलों में दखल देने की कोशिश करता था। इसी आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
10 पुलिस अधिकारियों पर भी गिरी गाज-
मामले की जांच में यह भी सामने आया, कि आरोपी के पास जो फाइलें मिलीं, वे कुछ जांच अधिकारियों से जुड़ी थीं। जांच में कथित मिलीभगत पाए जाने के बाद 10 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
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डीआईजी कुमार आशीष ने स्पष्ट किया, कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
जांच अभी जारी और खुलासों की उम्मीद-
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है, कि अगर जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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