Dwarka Expressway Tunnel Project: दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को कम करने और लोगों के सफर को तेज व आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली 8.1 किलोमीटर लंबी 6-लेन रोड टनल परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 6,969.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा।
सफर होगा आसान-
इस नई टनल के बनने से पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी। अभी जिन लोगों को द्वारका, गुरुग्राम, आईजीआई एयरपोर्ट या पश्चिम दिल्ली से वसंत कुंज और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने में लंबा समय लगता है, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह परियोजना शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगी।
जंगल को बचाते हुए बनेगी आधुनिक सुरंग-
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है, कि इसे पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। टनल का लगभग 1.98 किलोमीटर हिस्सा साउदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे से गुजरेगा। इसके लिए आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे जमीन के ऊपर कम से कम असर पड़ेगा और जंगल की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहेगी।
प्रस्तावित ट्विन-ट्यूब टनल शिव मूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के पास समाप्त होगी। इससे दिल्ली के कई महत्वपूर्ण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड भी होंगे तैयार-
सिर्फ टनल ही नहीं, बल्कि परियोजना के तहत नेल्सन मंडेला मार्ग पर लगभग 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड भी बनाई जाएगी। इसके अलावा छतरपुर से महिपालपुर की दिशा में अतिरिक्त फ्लाईओवर और ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए एलिवेटेड यू-टर्न की भी व्यवस्था होगी। पूरे प्रोजेक्ट में 3.14 किलोमीटर लंबी टनल, 0.98 किलोमीटर टनल एप्रोच रैंप, 2.556 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन और अन्य सड़क ढांचा शामिल होगा। इससे दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
गाजियाबाद और नोएडा के यात्रियों को भी फायदा-
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भविष्य में एम्स से महिपालपुर तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की भी योजना पर काम कर रहा है। यह कॉरिडोर टनल को बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा। इससे पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के साथ-साथ गाजियाबाद और नोएडा के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
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रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे-
ये सिर्फ ट्रैफिक सुधार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान देगी। अनुमान है कि निर्माण कार्य के दौरान करीब 7.54 लाख व्यक्ति-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 9.80 लाख व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। इसके अलावा परियोजना के आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय स्तर पर भी नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
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