India Self-Reliant Economy
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    India Self-Reliant Economy: जब इरादे मजबूत होते हैं, तो दुनिया की कोई ताकत आपकी प्रगति की उड़ान को रोक नहीं सकती। भारत ने यह बात कई बार दुनिया को साबित करके दिखाई है। हाल ही में ट्रम्प के शुल्क का भारत ने जो मजबूत जवाब दिया है, वह इसी का एक ताजा उदाहरण है।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50% शुल्क लगाकर देश को झुकाने की कोशिश की थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया, कि आज का भारत वह देश नहीं है, जो किसी के रहमोकरम पर निर्भर रहता था। आज के भारत के पास अपनी ताकत है, अपनी तकनीक है, जिसे पूरी दुनिया मानती है।

    गुजरात से शुरुआत-

    दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में मारुति सुजुकी के इलैक्ट्रिक एसयूवी का उत्पादन शुरू करवाकर एक बड़ा कदम उठाया है। इस परियोजना की खासियत यह है, कि ये वाहन सिर्फ भारत में ही नहीं बिकेंगे, बल्कि जापान और यूरोप समेत 100 से ज्यादा देशों में भेजे जाएंगे। यह भारत के लिए बेहद गर्व की बात है। अब दुनिया के कई देशों में इलैक्ट्रिक वाहनों पर ‘मेड इन इंडिया’ का लेबल लगा होगा। यह सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि भारत की विनिर्माण क्षमता का विश्व स्तर पर मान्यता है।

    जापान का भरोसा और भारत की ताकत-

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, कि जापान की कंपनी सुजुकी का भारत में इलैक्ट्रिक वाहन निर्माण करना सिर्फ दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता ही नहीं है, बल्कि भारत में वैश्विक विश्वास को भी प्रतिबिंबित करता है। यह उस समय में हो रहा है, जब अमेरिका हमारे ऊपर भारी शुल्क लगा रहा है।

    दुनिया में दुर्लभ खनिजों की कमी को देखते हुए, भारत सरकार ने ‘महत्वपूर्ण खनिज मिशन’ की शुरुआत की है। यह मिशन पूरे भारत में 1,200 से ज्यादा स्थानों पर चलाया जाएगा। इससे भारत को रणनीतिक खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

    मेक इन इंडिया का जादू-

    प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व से बताया, कि पिछले 11 सालों में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 500 प्रतिशत बढ़ा है, मोबाइल फोन उत्पादन 2700 प्रतिशत बढ़ा है, और रक्षा उत्पादन 200 प्रतिशत बढ़ा है। ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं हैं, बल्कि भारत की बदली हुई अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर हैं। गणेश उत्सव के माहौल में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की, कि मंगलवार से हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोलाइट विनिर्माण भी शुरू होगी। यह ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के दृष्टिकोण की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

    स्वदेशी-

    प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया, कि भारत अब दुनिया पर निर्भर नहीं करेगा। उन्होंने स्वदेशी को जीवन का मंत्र बताया और कहा कि अगर उत्पादन होगा, तो उसमें भारत की मिट्टी की खुशबू होगी। यह दृष्टिकोण ट्रम्प के शुल्क रूपी बम को निष्क्रिय करने का सबसे प्रभावी तरीका है। सभी राज्यों को प्रधानमंत्री मोदी ने यह योजना भी बताई, कि कैसे हम शुल्क जैसे बम को निष्क्रिय कर सकते हैं। कैसे भारत दुनिया पर निर्भर न रहकर आत्मनिर्भरता का सपना साकार कर सकता है।

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    नया भारत, नई सोच-

    आज का भारत पहले जैसा नहीं है। जब कभी कोई देश हमारे ऊपर आर्थिक दबाव डालने की कोशिश करती है, तो भारत का जवाब साफ होता है। हम सिर्फ राष्ट्रीय हित में काम करेंगे, किसी के दबाव में नहीं आएंगे। यह घोषणा सिर्फ ट्रम्प को जवाब नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया को संदेश है, कि भारत अब आर्थिक रूप से मजबूत हो चुका है। जिस तरह से भारतीय उत्पाद 100 से ज्यादा देशों में जा रहे हैं, यह नए जमाने की जरूरत है जो भारत को और भी आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाएगी।

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया, कि पिछले 11 सालों में भारत की मेक इन इंडिया की शक्ति दुनिया में कितनी बढ़ी है। आज भारत में बनने वाले उत्पाद विश्व की मांग को पूरा कर रहे हैं और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं।

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