GRMC Dean Slap
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    GRMC Dean Slap: ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के ट्रॉमा सेंटर में मुख्यमंत्री मोहन यादव के जाने के बाद अफ़रा-तफ़री मच गई। कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ मीडिया को घायलों की जानकारी दे रहे थे, तभी एक वकील ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों ने उस वकील को घेरकर पीटा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है।

    क्या हुआ ट्रॉमा सेंटर में?

    मुख्यमंत्री के अस्पताल से निकलने के बाद डीन डॉ. धाकड़ मीडिया को घायल मरीज़ों के बारे में बता रहे थे। आरोप है. कि इसी दौरान एक वकील ने अचानक उन पर हमला कर दिया और थप्पड़ मारा। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने वकील को घेर लिया, उसे मारा, लात मारकर गिराया और सड़क पर भी पीटते रहे। पिटाई के बाद वकील बार-बार चिल्लाता रहा, “मैं पागल हूँ, मैं पागल हूँ”, और साथ ही आरोप लगाता रहा कि ग्वालियर में भ्रष्टाचार बहुत फैला है।

    पुलिस ने क्या किया?

    पुलिस ने बीच में आकर वकील को भीड़ से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया। उस समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और थाना प्रभारी समेत पुलिस बल मौजूद था। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री का काफ़िला जाने के बाद पुलिस बल का बड़ा हिस्सा वहाँ से हट गया था। इसी वजह से अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

    शहर पुलिस अधीक्षक रॉबिन जैन के मुताबिक, वकील को घटना के तुरंत बाद हिरासत में लिया गया। पुलिस ये जांच रही है, कि उसने डीन पर हमला क्यों किया और ये हमला अचानक हुआ या इसमें कोई और भी शामिल था। पूछताछ में वकील ने कुछ बातें बताई हैं, जिनकी जांच हो रही है। संबंधित पक्ष की लिखित शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज होगी और आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

    जया आरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट अनिल महौर ने बताया, कि डीन मुख्यमंत्री के दौरे के बाद मीडिया को जानकारी दे रहे थे, तभी एक अनजान व्यक्ति ने अचानक हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने डीन को बचाया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। महौर ने हमलावर और अगर कोई और शामिल है तो उस पर सख़्त कार्रवाई की माँग की।

    डीन डॉ. धाकड़ ने क्या कहा?

    वे हमलावर को नहीं जानते और उन्हें समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों किया। उन्हें पुलिस पर 100 प्रतिशत भरोसा है और वे निष्पक्ष जाँच चाहते हैं। उन्होंने सुना है कि आरोपी का पहले सरकारी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और एक अपर कलेक्टर (ADM) से विवाद रहा है, लेकिन इन बातों की पुष्टि होना बाकी है।

    उन्होंने किसी का नाम लेने या साज़िश का अंदाज़ा लगाने से इनकार किया, क्योंकि वे बिना आधार के आरोप नहीं लगाना चाहते। उन्हें हमले का अंदाज़ा नहीं था और वे दिन-रात अस्पताल में अकेले घूमने में सुरक्षित महसूस करते थे। इलाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। डॉक्टर शीतला माता मंदिर हादसे के घायलों के इलाज में दिन-रात लगे हैं, और मरीज़ों को इसका नुक़सान नहीं होना चाहिए।

    अभी कौन से सवाल बाकी हैं?

    हमला करने के पीछे असली वजह क्या थी? वकील को पीटने वाले लोग कौन थे? वे डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर, ट्रॉमा सेंटर का स्टाफ़ या डीन ऑफ़िस के कर्मचारी हो सकते हैं, लेकिन उनकी पहचान और भूमिका अभी साफ़ नहीं है। क्या मुख्यमंत्री के जाने के बाद पुलिस बल हटाना सही था?

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    वकील का पुराना रिकॉर्ड-

    रिपोर्ट्स में बताया गया है, कि वकील का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। कहा जा रहा है, कि ग्वालियर में एक अपर कलेक्टर पर हमले के मामले में उसका नाम आया था और शहर के कई थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। ये भी बताया गया है, कि 2011 में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाडी पर जूता फेंकने और 2014 में दिल्ली में सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय पर स्याही फेंकने की घटनाओं से भी उसका नाम जोड़ा गया था। ये सब रिपोर्ट्स के आधार पर कहा जा रहा है और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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    By sumit

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