Delhi Airport Engine Fire: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार की रात एक बड़ा हादसा टलते-टलते बचा। स्विस इंटरनेशनल एयर लाइन्स की जूरिख जाने वाली फ्लाइट LX147 रनवे 28 पर टेकऑफ के दौरान अचानक इंजन नंबर एक में खराबी और आग की आशंका के कारण रोकनी पड़ी। यह विमान एयरबस A330 था, जिसमें 4 बच्चों समेत 232 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। रात करीब 1 बजकर 8 मिनट पर यह दिल की धड़कन रोक देने वाली घटना घटी।
104 नॉट की स्पीड पर रोका गया टेकऑफ-
फ्लाइटराडार24 के डेटा के अनुसार विमान ने 104 नॉट यानी करीब 193 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली थी जब पायलटों ने टेकऑफ रद्द करने का फैसला लिया। क्रू ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया और यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के ज़रिए विमान से बाहर निकाला गया। जो यात्री स्लाइड का इस्तेमाल करने में असमर्थ थे उनके लिए सीढ़ियों का इंतज़ाम किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में 6 यात्री घायल हो गए जिन्हें मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित रहे। रनवे 28 को विमान हटने तक बंद कर दिया गया।
Delhi Airport says, "In the early hours of this morning, a full emergency was declared at Delhi Airport involving Swiss International Airlines flight LX 147 (DEL-ZRH) on Runway 28/10. All prescribed safety protocols were promptly executed, and passengers were safely evacuated.… pic.twitter.com/1MScVXrEhL
— ANI (@ANI) April 26, 2026
स्विस एयरलाइंस ने दिया आधिकारिक बयान-
स्विस एयरलाइंस ने आधिकारिक बयान में कहा कि वे इस घटना से पूरी तरह अवगत हैं और एक टास्क फोर्स गठित की गई है। एयरलाइन ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ दिल्ली आएंगे और विमान की जाँच करेंगे। स्थानीय टीमें यात्रियों की मदद कर रही हैं और उनके लिए होटल आवास और वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। एयरलाइन ने यह भी कहा, कि इस घटना के कारणों की पूरी जांच की जाएगी और यात्रियों तथा क्रू की सुरक्षा हमेशा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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यात्रियों के लिए तनावपूर्ण रात-
यह घटना उन 232 यात्रियों के लिए बेहद भयावह रही होगी जो जूरिख जाने के लिए घर से निकले थे। रात के अंधेरे में रनवे पर इमरजेंसी स्लाइड से उतरना, यह अनुभव किसी के लिए भी डरावना होता है। लेकिन क्रू की तत्परता और सही समय पर लिए गए फैसले ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। यह घटना एक बार फिर विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल की अहमियत को रेखांकित करती है।
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