Delhi Cycling Corridor
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    Delhi Cycling Corridor: राजधानी Delhi में अब विकास और पर्यावरण को साथ लेकर चलने की कोशिश तेज हो गई है। Delhi Development Authority (डीडीए) यमुना नदी के किनारे एक बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसका मकसद सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना नहीं, बल्कि लोगों को फिर से उनकी नदी से जोड़ना भी है। इस योजना के तहत यमुना के मैदानी इलाकों में करीब 52.95 किलोमीटर लंबा साइकिल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली में ‘ग्रीन ट्रैवल’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    क्या खास होगा इस प्रोजेक्ट में-

    इस साइकिल कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है, कि यह यमुना के आसपास के प्रमुख इकोलॉजिकल और रिक्रिएशनल स्पॉट्स को आपस में जोड़ेगा। पहले फेज में पुराने रेलवे ब्रिज से NH-24 तक दोनों किनारों पर लगभग 24.15 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा।

    इस ट्रैक की सबसे खास बात यह है, कि इसे इको-फ्रेंडली तरीके से बनाया जाएगा। इसमें पारगम्य (permeable) मटेरियल का इस्तेमाल होगा, जिससे बारिश का पानी जमीन में आसानी से समा सके और पर्यावरण पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए साइकिल डॉकिंग स्टेशन, पार्किंग एरिया, छायादार विश्राम स्थल, व्यूइंग डेक और साइनबोर्ड जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

    सिर्फ ट्रैक नहीं, एक इमोशनल कनेक्शन-

    डीडीए अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक साइकिल ट्रैक नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों को उनकी जीवनदायिनी Yamuna River से दोबारा जोड़ने की कोशिश है। इस पूरे प्रोजेक्ट के जरिए यमुना के किनारे करीब 1700 हेक्टेयर क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की योजना है, ताकि इसे एक जीवंत, हराभरा और जैव-विविधता से भरपूर सार्वजनिक स्थान में बदला जा सके।आज के समय में जब शहरों में हरियाली कम होती जा रही है, ऐसे में यह पहल लोगों को नेचर के करीब लाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    पर्यावरण का रखा गया खास ध्यान-

    इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों की राय को भी गंभीरता से लिया गया है। पहले चरण के रूट में बदलाव कर इसे नदी के संवेदनशील किनारों से हटाकर मौजूदा तटबंधों और रास्तों के साथ जोड़ा गया है। इससे यमुना के इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचाए बिना लोग प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। यानी विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है।

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    कब तक मिलेगा दिल्लीवालों को तोहफा-

    इस प्रोजेक्ट को चरणों में पूरा किया जाएगा। जैसे ही काम शुरू होगा, पहले फेज को पूरा करने में करीब 12 महीने का समय लग सकता है। फिलहाल सर्वे और अलग-अलग एजेंसियों के साथ समन्वय का काम जारी है। अगर सब कुछ प्लान के अनुसार चला, तो आने वाले समय में दिल्लीवाले ट्रैफिक और प्रदूषण से दूर, यमुना किनारे साइकिलिंग और वॉक का मजा ले सकेंगे।

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    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।