Diesel ATF Export Duty Hiked
    Photo Source - Google

    Diesel ATF Export Duty Hiked: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने जहां एक तरफ दुनिया को हिला दिया है, वहीं दूसरी तरफ इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर भी गहरा पड़ा है। इसी उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने शनिवार को एक अहम फैसला लेते हुए डीज़ल और विमान ईंधन यानी एटीएफ पर निर्यात शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी कर दी। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, डीज़ल पर निर्यात शुल्क 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। जबकि एटीएफ पर यह शुल्क 29.5 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क पहले की तरह शून्य ही रहेगा। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

    पहले भी लगाया था शुल्क-

    यह पहली बार नहीं है, जब सरकार ने ईंधन निर्यात पर लगाम कसी हो। 26 मार्च को भी सरकार ने डीज़ल पर 21.50 रुपये और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया था। उस वक्त इसका मकसद था, देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और निर्यातकों को वैश्विक कीमतों का अनुचित फायदा उठाने से रोकना। लेकिन हालात बदले नहीं, बल्कि और जटिल हो गए, इसलिए इस बार शुल्क में और तेज़ बढ़ोतरी की गई।

    युद्ध ने कैसे बिगाड़ा वैश्विक ऊर्जा बाज़ार?

    28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को हिला दिया और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में भारी उथल-पुथल मच गई। कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिससे भारत जैसे देशों के लिए ईंधन की घरेलू उपलब्धता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया। निर्यातक सस्ते दामों पर देश से ईंधन बाहर भेजकर मुनाफा कमा रहे थे, सरकार ने इसी पर लगाम लगाने के लिए शुल्क बढ़ाया।

    ये भी पढ़ें- लड़की के कान में फट गया नया ईयरफोन, सोशल मीडिया पर वायरल हुई दर्दनाक कहानी

    अब युद्धविराम-

    अच्छी खबर यह है, कि 8 अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बन गई। इससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में कुछ राहत की उम्मीद जगी है। लेकिन सरकार ने फिलहाल नए शुल्क बनाए रखे हैं, जो आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है, कि पेट्रोल पर कोई निर्यात शुल्क नहीं लगाया गया है और घरेलू कीमतों पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।

    ये भी पढ़ें- Delhi से Rishikesh का सफर होगा 180 मिनट में पूरा, नमो भारत के विस्तार से बदलेगी तस्वीर

    By sumit

    मेरा नाम सुमित है और मैं एक प्रोफेशनल राइटर और जर्नलिस्ट हूँ, जिसे लिखने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव है। मैं टेक्नोलॉजी और लाइफस्टाइल टॉपिक के साथ-साथ रिसर्च पर आधारित ताज़ा खबरें भी कवर करता हूँ। मेरा मकसद पढ़ने वालों को सही और सटीक जानकारी देना है।